देहरादून, 15 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के देहरादून जिले के सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बैरागीवाला में हुए हिंसक बवाल और विनोद कश्यप की हत्या के मामले में सियासी पारा चढ़ गया है। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इस पूरी घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।
गणेश गोदियाल ने स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक मुस्तैदी को कटघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि जब दोनों पक्षों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था, तो समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए गए? उन्होंने सीधे तौर पर इसे स्थानीय प्रशासन की लापरवाही करार दिया है, जिसके कारण एक छोटे से विवाद ने इतना खूनी रूप ले लिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस नेता ने स्थानीय निवासियों के हवाले से दावा किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूमते रहे। उन्होंने कहा कि अगर यह आरोप सच है, तो यह पुलिस महकमे की नाकामी को दर्शाता है। राज्य सरकार को जनता के सामने यह साफ करना चाहिए कि घटना की सूचना मिलते ही शुरुआती घंटों में पुलिस ने क्या कदम उठाए और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए क्या रणनीति अपनाई गई।
अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता
दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग करते हुए गोदियाल ने कहा कि किसी भी अपराधी की कोई जाति, धर्म या राजनीतिक पहचान नहीं होती। उसे सिर्फ एक गुनहगार के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस हत्याकांड से जुड़े सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने की कोशिशों से बचने की अपील
बैरागीवाला में उपजे तनाव को देखते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश की जनता से शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सचेत किया कि उत्तराखंड की मूल पहचान सामाजिक सौहार्द की रही है। कुछ अराजक तत्व इस दुखद वारदात को सांप्रदायिक या राजनीतिक रंग देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं, जिससे समाज को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस संविधान और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा करती है। न्याय के नाम पर किसी भी तरह की प्रतिशोधात्मक राजनीति या निर्दोषों को परेशान करने की कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों पर जताई चिंता
राज्य की कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, जमीनी विवादों में हो रही हिंसा और संगठित अपराध के ग्राफ से साफ है कि सरकार नागरिकों को सुरक्षित माहौल देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।









