देहरादून, 17 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। देहरादून में अपने घर का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जहां एमडीडीए जुलाई 2026 से आमवाला तरला और धौलास आवासीय परियोजनाओं में मकानों की चाबियां सौंपने जा रहा है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मैराथन ग्राउंड निरीक्षण के बाद प्राधिकरण ने मानसून सीजन की शुरुआत से पहले शहर के बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने और अवैध संपत्तियों पर कड़ा एक्शन लेने का फैसला किया है।
मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जुलाई से मिलने वाला यह कब्जा वित्तीय रूप से बड़ा मददगार साबित होगा। लंबे समय से किराए के मकानों में रह रहे आवंटियों को अब होम लोन की ईएमआई के साथ-साथ हर महीने जा रहे भारी-भरकम किराए के दोहरे आर्थिक बोझ से मुक्ति मिल जाएगी।
जुलाई में गृह प्रवेश और ड्रेनेज सुधार
रिकॉर्ड समय में तैयार हुई आमवाला तरला आवासीय योजना का काम पूरा हो चुका है। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जुलाई के पहले हफ्ते से ही आवंटियों को पजेशन देना शुरू करें। परिसर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था को मॉनसून से पहले दुरुस्त करने और खुली पार्किंग को कवर करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
धौलास में चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कुल 15 टावरों में से 10 का सिविल काम पूरी तरह फाइनल है। इन तैयार टावरों के आवंटियों को 30 जुलाई से फ्लैटों का हैंडओवर दे दिया जाएगा, जिससे सैकड़ों गरीब परिवारों का अपने पक्के घर का सपना इस मॉनसून में पूरा हो जाएगा।
कालसी घाट और सिटी फॉरेस्ट का नया स्वरूप
जौनसार-बावर क्षेत्र और यमुना तट पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कालसी घाट पर मजबूत लोहे की चेन लगाई जा रही हैं। व्यापक पौधारोपण के साथ इस पूरे परिसर को पर्यटन स्पॉट के रूप में चमकाकर जुलाई में इसका लोकार्पण कर दिया जाएगा।
सहस्रधारा रोड स्थित सिटी फॉरेस्ट में लगे 120 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा प्लांट ने पार्क का बिजली खर्च 90 प्रतिशत तक घटा दिया है, जो शहर के अन्य सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए रोल मॉडल बनेगा। अब इस पार्क में पुराने ट्री-हाउस का कायाकल्प करने, पैदल रास्तों के किनारे बारहमासी फूलों की क्यारियां सजाने और एक भव्य भारत माता मंदिर बनाने की तैयारी है। नदी किनारे भू-कटाव रोकने के लिए यहां बड़े पैमाने पर बांस के पौधे रोपे जाएंगे।
कचरा प्रबंधन और अवैध प्लॉटिंग पर प्रहार
सहस्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों और प्रॉपर्टी मालिकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। एमडीडीए, नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ मिलकर यहां जमा ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की योजना बना रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में बदबू की समस्या खत्म होगी और जमीनों के दाम भी सुधरेंगे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने साफ किया है कि शहर के विकास के साथ-साथ अवैध निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति चलेगी। कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ आने वाले दिनों में बुलडोजर की कार्रवाई और तेज की जाएगी। प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने सभी विंग्स को आवासीय प्रोजेक्ट्स में ड्रेनेज, हरियाली और पार्किंग मानकों को कड़ाई से लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी है।









