Ration Card Update : उत्तराखंड में राशन व्यवस्था को लेकर खाद्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुर्दे के नाम पर सरकारी सस्ता गल्ला डकार रहे लोगों की अब खैर नहीं। होगी एफआईआर। उपभोक्ता की मृत्यु के बाद भी परिजनों द्वारा उसका राशन लिए जाने की शिकायतों पर विभाग ने सीधी विधिक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। रिकवरी के साथ-साथ दंडात्मक एक्शन लिया जाएगा।
राशन कार्ड बनवाने की कतार में लगे हजारों लोगों का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। राज्य खाद्य योजना (एपीएल) और अंत्योदय राशन कार्ड के लिए सरकार आय की अधिकतम सीमा बढ़ाने जा रही है। नए मानकों का खाका खींचा जा रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने राशन कार्ड के आय संबंधी शर्तों की समीक्षा के लिए विशेष कमेटी गठित कर दी है।
बुधवार को खाद्य विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में पुराने मानकों पर सवाल उठे। आय मानक काफी पुराने हैं। इससे जरूरतमंद लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। जल्द आएगी नई रिपोर्ट।
राज्य में इस समय अंत्योदय कार्ड के लिए मासिक आय की पात्रता सीमा महज चार हजार रुपये है। इस श्रेणी में फिलहाल 1.84 लाख राशन कार्ड पंजीकृत हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के तहत प्राथमिक परिवार के कार्ड के लिए 15 हजार रुपये मासिक आय की शर्त लागू है। इन कार्डों की संख्या प्रदेश में 12 लाख के पार है। नई व्यवस्था लागू होते ही बदलेंगे सारे आंकड़े।
तीसरी श्रेणी राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (एपीएल) की है। यहां मासिक आय 41 हजार 666 रुपये या सालाना अधिकतम पांच लाख रुपये तय है। इस श्रेणी में करीब 9.50 लाख कार्ड हैं। इसमें राशन का कोटा और दरें दोनों अलग और अधिक हैं। नवगठित कमेटी इन तीनों श्रेणियों के लिए आय की नई सीलिंग बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।
राशन विक्रेताओं को भी बड़ी राहत दी गई है। नवंबर महीने से अटका डीलरों का लाभांश अगले एक सप्ताह के भीतर सीधे उनके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा। खाद्य आयुक्त के नेतृत्व में एक और कमेटी बना दी गई है। यह डीलरों को इंश्योरेंस कवर देने का पूरा ड्राफ्ट तैयार करेगी।
विभाग में तकनीकी बदलाव तेज कर दिए गए हैं। 30 जून है डेडलाइन। इसके बाद राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में काम करेगी।
चारधाम यात्रा रूट पर राशन की किल्लत न हो, इसके लिए अलग से रणनीति बनी है। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अगले तीन महीनों का एडवांस राशन दुकानों तक जल्द से जल्द पहुंचाएं।
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति का भी रिव्यू किया गया। प्रदेश में गैस की कोई किल्लत नहीं है। सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है। देश और प्रदेश स्तर पर राशन कार्ड धारकों को गेहूं, चावल और चीनी जैसी आवश्यक खाद्य सामग्री उचित दर दुकानों से मुफ्त या बाजार मूल्य से बेहद कम दाम पर उपलब्ध कराई जाती है।









