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Uttarkashi News : खेत में घात लगाए बैठा था जहरीला सांप, डंसने से नौगांव की सुगंधरा देवी की मौत

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उत्तरकाशी, 28 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarkashi News : नौगांव विकासखंड के बलाड़ी गांव में टमाटर के खेत में निराई-गुड़ाई कर रही 58 वर्षीय सुगंधरा देवी को एक विषैले सांप ने डंस लिया और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। शनिवार को हुई इस घटना ने पूरे गांव को गहरे सदमे में धकेल दिया है। महिला के हाथ पर सांप ने उस वक्त हमला किया जब वह फसल के बीच उगी खरपतवार हटा रही थीं।

परिवार पर महज छह महीने के भीतर यह दूसरा बड़ा वज्रपात है। सुगंधरा देवी के पति भरत सिंह होमगार्ड विभाग में अपनी नियमित सेवाएं दे रहे थे जब छह माह पूर्व हृदयगति रुकने से उनका आकस्मिक निधन हो गया था। पति के गुजर जाने के बाद घर और खेती की संपूर्ण जिम्मेदारी सुगंधरा देवी अकेले ही अपने कंधों पर उठा रही थीं।

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शनिवार की सुबह जब सुगंधरा देवी खेत में काम कर रही थीं तब झाड़ियों में घात लगाए बैठे सांप के डंसते ही उनके शरीर में जहर तेजी से फैलने लगा। उनकी तबीयत पल-पल बिगड़ने लगी और परिजन उन्हें फौरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगांव ले जाने के लिए वाहन से निकले। नौगांव पहुंचने के सफर के बीच ही जहर ने महिला की सांसें छीन लीं।

जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी और पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष ने इस असामयिक मौत पर प्रशासन का ध्यान खींचा है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं और ऐसी आकस्मिक घटनाओं की मार झेल रहे इन ग्रामीण परिवारों को बिना किसी देरी के उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।

स्थानीय ग्रामीणों ने नौगांव और आसपास के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम की घोर कमी पर कड़ा एतराज जताया है। प्रशासन से मांग उठी है कि बरसात के सीजन को देखते हुए सभी छोटी डिस्पेंसरियों में वेनम की पर्याप्त शीशियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। बचाव को लेकर ग्रामीण स्तर पर कोई ठोस जागरूकता अभियान भी अब तक नहीं चलाया गया है।

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वन विभाग के एसडीओ साधु लाल ने मानसून में सर्पदंश के बढ़ते मामलों पर नई एडवाइजरी जारी की है। घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि सांप को देखते ही उसे लाठी-डंडों से मारने का प्रयास न करें।

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सीधे वन विभाग की प्रशिक्षित टीमों को मौके पर बुलाने की व्यवस्था की गई है। एसडीओ साधु लाल ने कड़े शब्दों में हिदायत दी कि सर्पदंश के बाद ग्रामीण आज भी ओझा और झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देते हैं। मरीज को सीधा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना ही उसकी जान बचाने का इकलौता मेडिकल विकल्प है। वन विभाग जल्द ही बलाड़ी और आसपास के इलाकों में जागरूकता शिविर लगाएगा।

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