देहरादून, 4 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Govt Jobs : देहरादून में शुक्रवार को आयोजित एक बड़े सरकारी कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा-2024 पास करने वाले 182 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र थमा दिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद अपने हाथों से कुल 187 चयनित युवाओं को सरकारी महकमों में तैनाती के आदेश सौंपे।
कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में भी पांच युवाओं ने वैयक्तिक सहायक के पद पर अपनी जगह पक्की की है। राज्य के भीतर सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की यह प्रक्रिया अब पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बीते साढ़े चार साल के भीतर 34 हजार से अधिक बेरोजगारों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी गई है। भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी रोकने के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून उत्तराखंड में लागू किया। इस विधिक कार्रवाई और कानून के खौफ ने नकल माफियाओं का पूरा नेक्सस तोड़ कर रख दिया है।
उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा 2024 के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस कठिन परीक्षा में 71 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। कड़े इम्तिहान और लंबी चयन प्रक्रिया के बाद महज 182 अभ्यर्थियों ने ही अंतिम सूची में अपनी जगह बनाई। मुख्यमंत्री ने मंच से स्पष्ट किया कि इन अभ्यर्थियों का चयन किसी सिफारिश का नहीं बल्कि उनकी अपनी छिपी हुई प्रतिभा, अनुशासन और दिन-रात के कड़े परिश्रम का परिणाम है।
प्रशासनिक मोर्चे पर एक और बड़ा फैसला लिया गया है। उत्तराखंड के सभी जिलों और ब्लॉकों में अब परिवार रजिस्टर की सघन जांच की जाएगी। फर्जीवाड़े को रोकने और सटीक सरकारी आंकड़े जुटाने के लिए राजस्व विभाग और पंचायत स्तर पर इस अभियान को चलाया जाएगा।
नव-नियुक्त अधिकारियों को सख्त नसीहत देते हुए सीएम ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र महज नौकरी हासिल करने वाला कागज नहीं है। इसमें उत्तराखंड के सवा करोड़ आम लोगों की भारी उम्मीदें और सरकार पर उनका अटूट विश्वास छिपा हुआ है। चयनित युवाओं को अब पूरी ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करने का संकल्प लेना होगा।
सरकार ने अपनी नीतियों और नीयत दोनों को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। जो भी संकल्प चुनाव या रैलियों के दौरान जनता के समक्ष लिए गए थे, उन्हें सिर्फ कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं रखा गया। राज्य प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ उन सभी वादों को धरातल पर उतारने का काम कर रहा है।
उत्तराखंड के हर योग्य और प्रतिभाशाली युवा को बिना किसी भेदभाव के समान अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं। रोजगार की तलाश में पहाड़ के युवाओं को मजबूरी में राज्य से बाहर पलायन न करना पड़े, इस दिशा में लगातार नई नीतियां बन रही हैं। सरकार का स्पष्ट विजन है कि ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ दोनों को उत्तराखंड के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत में तब्दील किया जाए।









