देहरादून, 6 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Crime : देहरादून के लालपुल क्षेत्र में शुक्रवार रात एक मामूली सड़क हादसा भयानक क्रूरता में बदल गया। तेज रफ्तार स्कूटर सवार दो युवकों ने एक पैदल यात्री को टक्कर मारी और फिर उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने पीड़ित को निरंजनपुर फल मंडी की एक दुकान में ले जाकर रातभर अमानवीय यातनाएं दीं।
पीड़ित का नाम आजाद सिंह रावत है। वह कैनाल रोड, जाखन का रहने वाला है और एक स्थानीय केबल टीवी नेटवर्क कंपनी में काम करता है। शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म करके लालपुल के पास से पैदल घर जा रहा था।
तेज गति से आ रहे एक स्कूटर ने आजाद को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्कूटर चला रहा अंकुर वाल्मीकि और आजाद दोनों सड़क पर गिर पड़े। गलती होने के बावजूद अंकुर और उसके साथी साहिल ने आजाद के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के दौरान दोनों आरोपियों ने आजाद के शरीर पर अपने दांतों से काटा। विवाद बढ़ा तो अंकुर और साहिल ने आजाद को जबरन बंधक बना लिया। दोनों आरोपी आजाद को घसीटते हुए निरंजनपुर फल मंडी स्थित एक दुकान के भीतर ले गए।
दुकान के अंदर आरोपियों ने आजाद पर क्रूरता की सभी हदें पार कर दीं। उन्होंने आजाद को बिजली के झटके दिए। लोहे की गर्म रॉड से उसके शरीर को दागा गया।
आरोपियों ने आजाद को जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पीड़ित के प्राइवेट पार्ट में पेचकस घुसा दिया। आजाद दर्द से तड़पता रहा और आरोपी उसे पीटते रहे।
रात के करीब तीन बज चुके थे। आरोपियों का ध्यान थोड़ा भटका। आजाद खून से लथपथ हालत में पैदल भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।
सुरक्षित जगह पहुंचकर आजाद ने अपने परिजनों को फोन मिलाया। उसने पूरी घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। परिजन तुरंत उसे लेकर दून अस्पताल पहुंचे।
दून अस्पताल में डॉक्टरों की एक टीम आजाद का उपचार कर रही है। वह गंभीर रूप से घायल है। पीड़ित और उसका पूरा परिवार इस घटना के बाद भारी सदमे में है।
पटेल नगर कोतवाली पुलिस ने शिकायत मिलने पर एक्शन लिया है। इंस्पेक्टर विनोद गुसाईं ने स्पष्ट किया कि अंकुर वाल्मीकि और साहिल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस की एक टीम जांच के लिए निरंजनपुर मंडी स्थित उस दुकान पर भी गई। दुकान संचालक और आसपास के लोगों से आरोपियों के बारे में पूछताछ की गई है।
पुलिस की गश्त और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रात आठ बजे लालपुल पर विवाद शुरू हुआ और रातभर मंडी में यह वारदात होती रही। लालपुल के पास पुलिस चौकी है। सब्जीमंडी में भी पुलिस पिकेट तैनात रहती है।
पुलिस को इस पूरी घटना की भनक तक नहीं लगी। लालपुल से सब्जीमंडी तक कहीं भी पुलिस को यह वारदात होती दिखाई नहीं दी।
देहरादून शहर में बढ़ते अपराधों पर संयुक्त नागरिक संगठन के महासचिव सुशील त्यागी ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि देहरादून हमेशा से रिटायरमेंट के बाद शांत जीवन बिताने वालों की पहली पसंद रहा है। आज अपराध के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि यह शहर अपनी मूल पहचान खोता जा रहा है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने पुलिस का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि आपराधिक घटनाओं पर लगाम कसने के लिए लगातार सख्ती की जा रही है। पुलिस बड़ी घटनाओं से लेकर छोटे अपराधों तक का जल्द खुलासा कर रही है और बेहतर पुलिसिंग के प्रयास जारी हैं।









