देहरादून, 8 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Badrinath Donation Theft : बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी मामले में बीकेटीसी ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। अयोध्या राममंदिर में हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद अब उत्तराखंड के इस प्रमुख धाम में कड़े कदम उठाए गए हैं। आरोपों से घिरे बीकेटीसी अध्यक्ष के वैयक्तिक सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया है। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देर शाम इसके लिखित आदेश जारी किए।
मामला सामने आने के पांचवें दिन यह प्रशासनिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई से लौटते ही सीधे मामले की रिपोर्ट तलब की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देव स्थानों की प्रतिष्ठा और आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके सीधे निर्देश पर मामले की जांच के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है।
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने जांच कमेटी गठन के आधिकारिक आदेश किए। इस उच्च स्तरीय कमेटी में एनएचएम के एमडी संदीप तिवारी और महानिदेशक-चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक-वित्त जगत सिंह चौहान को सदस्य नियुक्त किया गया है। यह तीन सदस्यीय टीम 15 दिन के भीतर जांच कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट और संस्तुतियां सरकार को सौंपेगी।
जांच कमेटी जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा संबंधित व्यक्ति का सहयोग और परामर्श ले सकेगी। समिति को दान और चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सुधारात्मक सुझाव देने का भी जिम्मा मिला है। मुख्यमंत्री धामी ने गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता वाली इस कमेटी को धाम और मंदिरों में चढ़ावे की राशि के पारदर्शी प्रबंधन के लिए ठोस व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर सरकार को देने की जिम्मेदारी सौंपी है।
गोपेश्वर में भी इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। चढ़ावे में कथित चोरी की जांच के लिए बीकेटीसी की ओर से गठित आंतरिक कमेटी मंगलवार देर शाम बदरीनाथ धाम पहुंच गई। यह मामला उजागर होने पर बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने तत्काल एक चार सदस्यीय टीम बनाई थी। टीम में वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नैथानी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण शामिल हैं।
कर्मचारियों से मांगे गए स्पष्टीकरण और जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रमोद नौटियाल पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसी प्रारंभिक रिपोर्ट ने नौटियाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। पीए प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर बीकेटीसी के जोशीमठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। इस निलंबन अवधि में वह सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।









