देहरादून, 8 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Alert : उत्तराखंड में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय स्थिति में आ गया है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेशभर में बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा। मंगलवार को राजधानी देहरादून समेत गढ़वाल और कुमाऊं के कई जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। दिनभर चले बारिश के कई दौर से तापमान में भारी गिरावट आई और उमस से राहत मिली।
मौसम विभाग ने बुधवार के लिए देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है। पर्वतीय जिलों में तेज बारिश के साथ ही हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।
बारिश का सीधा असर देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर नजर आया है। सहारनपुर के बिहारीगढ़ स्थित वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिर गया। इस भूस्खलन के कारण एक तरफ की तीन में से दो लेन पूरी तरह बंद करनी पड़ीं।
एक्सप्रेसवे पर लेन बंद होने से ट्रैफिक आंशिक रूप से बाधित हुआ है। एनएचएआई ने एहतियाती कदम उठाते हुए रूट डायवर्ट किया है। डाट काली मंदिर की ओर जाने वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर वाहनों की आवाजाही के लिए बंद कर दिया गया है।
बीते करीब 15 दिनों से निर्माण कार्य और लगातार रूट परिवर्तन के कारण हजारों वाहन चालकों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। डाट काली मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को अब आशारोड़ी सीमा पार कर देहरादून की ओर जाना पड़ता है। वहां से यू-टर्न लेकर लौटने के कारण उनके समय और दूरी दोनों में इजाफा हो गया है।
भूस्खलन के खतरे को देखते हुए एनएचएआई ने पहाड़ियों को सुरक्षित करने का काम तेज कर दिया है। डाट काली मंदिर से पहले चार स्थानों पर ढलानों की कटिंग की जा रही है। इन ढलानों पर सुरक्षा के लिए स्टील वायर का जाल लगाया जा रहा है।
सरियों के सहारे ढलानों को मजबूत करने के लिए करीब 8 मीटर तक पाइलिंग की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह एक अस्थायी व्यवस्था है। जब तक पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक यातायात नियंत्रित तरीके से ही संचालित किया जाएगा।
मॉनसून में आपदा की आशंकाओं को देखते हुए राज्य के सबसे बड़े दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने तैयारी तेज कर दी है। अस्पताल में आपदा पीड़ितों और बड़े हादसों में घायलों के तत्काल इलाज के लिए एक क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है।
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के नेतृत्व में इस 12 सदस्यीय टीम को तैयार किया है। इस टीम को सख्त निर्देश हैं कि सूचना मिलते ही 15 मिनट के भीतर उन्हें मोर्चा संभालना होगा। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य ने सभी मेडिकल कॉलेजों को ऐसी ही क्यूआरटी गठित करने और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आपसी समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।
एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों में भी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। बागपत के गांगनौली अंडरपास के पास हाल ही में बनाया गया सीसी स्लैब बारिश में पूरी तरह टूट गया। मिट्टी के पुश्ते में भी कटान दर्ज किया गया है।
सड़क पर 24 घंटे पहले भरे गए गड्ढे बारिश के कारण फिर से उभर आए हैं। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। मुजफ्फरनगर में दून दिल्ली राष्ट्रीय हाईवे पर नारा-जड़ौदा के पास भारी जलभराव हुआ। जलभराव के कारण हाईवे पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी करवाई और नालों की सफाई के निर्देश दिए।









