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BKTC Scam : चढ़ावा चोरी के बाद BKTC में एक और बड़ा ‘घोटाला’! VIP मेहमाननवाजी के नाम पर बने लाखों के फर्जी बिल

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देहरादून, 9 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

BKTC Scam : श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में चोरी के मामलों के बीच बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वीआईपी यात्रियों के ठहरने और खानपान के बिलों में गोलमाल का मामला दोबारा गरमा गया है। धामों में दर्शन करने आने वाले जिन वीआईपी यात्रियों के रहने-खाने का इंतजाम टूर कंपनियां और यात्री खुद करते थे, बीकेटीसी के कार्मिकों ने उनके नाम के भी फर्जी बिल बना दिए।

मई 2025 के इस मामले में बीकेटीसी की तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने कई संदिग्ध मामलों को पकड़ा है। सरकार को भेजी गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट में इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की गई है।

पूर्व सीईओ विजय थपलियाल ने व्यवस्थापक अरविंद शुक्ला को छह लाख रुपये अग्रिम देने की स्वीकृति दी थी। इसमें लंबित बिल भी शामिल थे। यह प्रस्ताव मुख्य प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी ने तैयार किया था।

लंबित बिलों के भुगतान के बजाय अग्रिम धनराशि देना अनियमितता की श्रेणी में आता था। तत्कालीन सीईओ ने नियम विरुद्ध अग्रिम धनराशि का भुगतान किया था।

आरोपित कार्मिकों का कहना है कि जिस वक्त की यह बात है, उस दौरान बोर्ड गठित नहीं था। यात्रा के भारी दबाव में यह निर्णय किया गया था। बोर्ड गठित होने के बाद नौ जुलाई 2025 को हुई बोर्ड बैठक में आय-व्यय को मंजूर करा लिया गया था।

खर्च की लिस्ट में स्थानीय विधायक आशा नौटियाल के नाम पर केदारनाथ स्थित पंजाब सिंध आवास में ठहरने का बिल 37 हजार 500 रुपये दर्ज है। काबीना मंत्री गणेश जोशी की पुत्री भाजपा नेत्री नेहा जोशी के ठहरने और खानपान के खर्च के रूप में 40 हजार रुपये दर्ज हैं।

आशा नौटियाल और नेहा जोशी कड़ाई से बीकेटीसी के खर्च पर केदारनाथ में रुकने की बात का खंडन कर चुकी हैं। उन्होंने समिति से एक भी पैसा नहीं लिया। पूरा खर्च उन्होंने स्वयं ही उठाया था।

जांच समिति सदस्य राजन नैथानी, एसएस बर्त्वाल, हेम कांडपाल और विपिन तिवारी ने सुपर वीआईपी के रूप में प्रचारित किए जा रहे एक अतिथि के नाम पर हुए भुगतान को पूरी तरह संदिग्ध पाया। यात्री के केयर टेकर के रूप में एक राज्य के मुख्य सचिव का उल्लेख दर्ज था।

इनके गायत्री भवन में दो दिन रहने के खर्च के बिल 60 हजार रुपये दर्शाए गए थे। ये व्यक्ति हेरिटेज ऐवियेशन के जरिए धाम आए थे।

जांच समिति ने बिलों की पड़ताल के लिए हेरिटेज एविएशन के सीईओ रोहित माथुर से मालूमात की तो पूरी तस्वीर ही बदल गई। माथुर ने पत्र भेजकर कहा कि यात्री का पूरा खर्च कंपनी ने खुद उठाया था।

कथित फर्जी बिलों के तहत सबसे अधिक भुगतान पिंक सिटी भवन में 1.54 लाख रुपये का दर्शाया गया है। न्यू आगरा हाउस के नाम पर 1.10 लाख रुपये का बिल दर्ज है।

जीएमवीएन को 90,940 रुपये और पंजाब सिंध आवास को 83,400 रुपये के बिल जारी किए गए हैं। बीकानेर हाउस को 79,000 रुपये का भुगतान दिखाया गया है।

गायत्री भवन को 60,000 रुपये और राजस्थान भवन को 48,000 रुपये के बिल दर्ज किए गए हैं। जांच समिति अब इन सभी भुगतानों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।

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