देहरादून, 11 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun News : उत्तराखंड के देहरादून स्थित शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों का क्रमिक अनशन और धरना प्रदर्शन शनिवार को 27वें दिन भी जारी रहा। राज्याधीन सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण कानून लागू होने के बावजूद पिछले 2 वर्षों से नियुक्तियां नहीं मिल पाई हैं। इसी वजह से आंदोलनकारी 15 जून से लगातार धरने पर बैठे हैं।
शनिवार को क्रमिक अनशन की कमान आंदोलनकारी आनंद मणि और अम्बुज शर्मा ने संभाली। दोनों नेता सुबह से ही अनशन स्थल पर डटे रहे। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सर्वोच्च सलाहकार सदस्य शैलेश गुलेरी आज अपने समर्थकों के भारी लश्कर के साथ शहीद स्मारक पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे सभी आंदोलनकारियों से मुलाकात कर अपनी पार्टी की तरफ से पूर्ण समर्थन का एलान किया।
धरना स्थल पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए शैलेश गुलेरी ने व्यवस्था और खुद आंदोलनकारियों की राजनीतिक पसंद पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यह सब अपनी ही करनी का फल है जो आज भुगतना पड़ रहा है। राज्य बनने से पहले भी लोग सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे और आज 2026 में भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
यूकेडी सलाहकार ने आंदोलनकारियों को आत्मचिंतन करने की सलाह दी। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 25 वर्षों से प्रदेश की कमान किन लोगों के हाथों में सौंपी जा रही है। अगर आंदोलनकारियों ने अब भी क्षेत्रीय दलों को मजबूत नहीं किया तो आने वाले समय में हालात और ज्यादा बदतर हो जाएंगे।
शैलेश गुलेरी ने चुनावी वादा करते हुए कहा कि अगर राज्य की जनता इस बार उत्तराखंड क्रांति दल को सत्ता की कमान सौंपती है तो इन सभी उलझे हुए मसलों को चुटकियों में हल कर दिया जाएगा। चिन्हीकरण के पांचवे मानक को सख्ती से लागू किया जाएगा। वास्तविक आंदोलनकारियों की पहचान कर उनकी प्रति माह पेंशन बढ़ाकर 25,000 रुपये की जाएगी।
शहीद स्मारक पहुंचकर समर्थन जताने वालों में कई संगठनों के प्रमुख चेहरे शामिल रहे। मूल-निवास भू-कानून के संयोजक मोहित डिमरी और राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के अध्यक्ष नवनीत गुसाईं ने भी आंदोलनकारियों की मांगों को जायज ठहराया।
धरना स्थल पर राम किशन, मनोरथ प्रसाद ध्यानी, भगवती प्रसाद डोभाल और सूफी खलील अहमद ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उत्तराखंड क्रांति दल के उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, बालेश बवानिया, पत्रकार सुजाता पॉल और शैलेश सेमवाल भी इस दौरान मंच पर मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए सतीश धौलाखंडी, बिमला खत्री, प्रभात डंडरियाल, त्रिलोचन भट्ट, आनंद तड़ियाल, शांति तड़ियाल और अनुराधा मेंदोला समेत दर्जनों लोग शाम तक शहीद स्मारक पर डटे रहे।
यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में 17 जुलाई तक झमाझम बरसेंगे बदरा, मौसम विभाग ने जारी किया ‘येलो अलर्ट’









