---Advertisement---

Badrinath Donation Theft : 500 की गड्डियां, सोने के सिक्के और शालिग्राम… इस ‘मोबाइल ट्रिक’ से उड़ाए भगवान के पैसे

---Advertisement---

देहरादून, 14 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Badrinath Donation Theft : बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में चोरी करने वाले प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने देहरादून स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। चमोली पुलिस की टीम ने रविवार रात करीब नौ बजे घर पर दबिश देकर उसे पकड़ा। 8 जुलाई 2026 को मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

आरोपी हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगवाने की तैयारी कर रहा था। उसने हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर दी थी। वह अपने वकील के लगातार संपर्क में था। रविवार रात पुलिस की अचानक हुई छापेमारी से वह हक्का-बक्का रह गया।

पुलिस के पास प्रमोद के खिलाफ ठोस सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। वह मोबाइल फोन की आड़ में चोरी को अंजाम देता था। सीओ मदन सिंह बिष्ट और इंस्पेक्टर बदरीनाथ महादेव उनियाल की टीम ने फुटेज की बहुत गहराई से जांच की है।

प्रमोद गणना कक्ष से 500-500 रुपये की गड्डियां बनाता था। वह इन गड्डियों को मोबाइल के नीचे छिपाकर बड़ी चालाकी से कक्ष से बाहर निकल जाता था। एक फुटेज में वह सफेद लिफाफे में रखे 20-25 नोट, सोने-चांदी के सिक्कों के पैकेट, एक शालिग्राम शिला और केसर का पीला पैकेट अपनी जेब में रखता हुआ दिखाई दिया है।

पुलिस की यह जांच अब केवल 2 जुलाई 2026 की घटना तक सीमित नहीं रह गई है। 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में भी आरोपी इसी मोबाइल ट्रिक का इस्तेमाल कर नकदी बाहर ले जाते हुए स्पष्ट नजर आ रहा है।

चमोली पुलिस ने प्रमोद के पास से मंदिर समिति का एक लैपटॉप जब्त कर लिया है। मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति सहित चार गवाहों के बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। सोमवार को जब पुलिस उसे न्यायालय ले जा रही थी तब पत्रकारों के सवालों पर उसने खुद को निर्दोष बताया।

गिरफ्तारी के बाद अब प्रमोद की नियुक्ति प्रक्रिया सीधे तौर पर सवालों के घेरे में है। वर्ष 2003 में वह बीकेटीसी में एक संविदा कर्मचारी के रूप में भर्ती हुआ था। वर्ष 2014 में उसे 2800 रुपये ग्रेड पे पर इंटरनेट को-ऑर्डिनेटर के पद पर स्थायी नियुक्ति दे दी गई।

इंटरनेट को-ऑर्डिनेटर एक एकल पद था। इस पद पर सीधी भर्ती होनी अनिवार्य थी। बीकेटीसी ने न तो इसके लिए कोई विज्ञापन निकाला और न ही किसी वैध चयन प्रक्रिया का पालन किया।

महज तीन साल बाद 2017 में प्रमोद को 4600 रुपये ग्रेड पे के साथ बीकेटीसी अध्यक्ष का वैयक्तिक सहायक बना दिया गया। साल 2025 में उसे प्रमोशन देकर अध्यक्ष का निजी सचिव नियुक्त किया गया।

निजी सचिव के पद के साथ उसे प्रोटोकॉल अधिकारी भी बनाया गया। इसी दौरान थाली भेंट गणना कार्य की अहम जिम्मेदारी भी उसे सौंप दी गई। अप्रैल 2026 में उसकी ड्यूटी बदरीनाथ धाम में लगा दी गई।

पुलिस अब प्रमोद की आय से अधिक संपत्ति की जांच कर रही है। उसकी सेवा पंजिका, संपत्ति का ब्योरा और प्रमोशन की पूरी फाइल खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि उसे किन चैनलों के जरिए बिना तय प्रक्रिया के लगातार महत्वपूर्ण पद सौंपे गए।

यह भी पढ़ें : हरिद्वार के पथरी में छठी कक्षा की छात्रा से गैंगरेप, आठ अज्ञात युवकों पर केस दर्ज

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment