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Uttarakhand Harela 2026 : एक महीने, एक करोड़ पौधे! देवभूमि में हरेला पर्व पर प्रकृति को संवारने का महाभियान शुरू

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देहरादून, 16 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Harela 2026 : उत्तराखंड में हरेला पर्व के मौके पर पहले दिन तय लक्ष्य से ज्यादा पौधारोपण दर्ज किया गया है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 10 लाख पौधे लगाने का टारगेट रखा था। दोपहर 1 बजे तक वन विभाग ने 10 लाख का यह आंकड़ा पार कर लिया। दोपहर 2 बजे तक यह संख्या 11 लाख के पार पहुंच गई।

इस साल हरेला अभियान के तहत पूरे एक महीने में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय है। वन विभाग इस पूरे महाभियान का नोडल विभाग है। सरकारी विभागों के साथ स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्कूलों और सामाजिक संगठनों को इस काम से जोड़ा गया है।

कुमाऊं मंडल का मुख्य कार्यक्रम अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर क्षेत्र में रखा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहां खुद पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की।

गढ़वाल मंडल का मुख्य कार्यक्रम देहरादून में आयोजित हुआ। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने यहां अगुवाई की। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

सुबह सात बजे से ही पूरे प्रदेश में पौधारोपण का काम शुरू हो गया था। 11 बजे के बाद अभियान ने भारी रफ्तार पकड़ी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक भागीदारी के चलते समय से पहले लक्ष्य पूरा हुआ।

देहरादून जिले में करीब एक लाख पौधे लगाए गए। उत्तरकाशी में 75 हजार, चमोली में 85 हजार, टिहरी में 70 हजार और पौड़ी में 90 हजार पौधे रोपे गए। रुद्रप्रयाग में 40 हजार और हरिद्वार में 35 हजार पौधों का रोपण हुआ।

कुमाऊं क्षेत्र में नैनीताल जिले ने सबसे ज्यादा 1 लाख 40 हजार पौधे लगाए। उधम सिंह नगर में 1 लाख 20 हजार और पिथौरागढ़ में 1 लाख 30 हजार पौधे रोपे गए। अल्मोड़ा में 80 हजार, बागेश्वर में 70 हजार और चंपावत में 80 हजार पौधे लगाए गए।

देहरादून कार्यक्रम में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने पुराने पौधों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने साल 2024 और 2025 के हरेला अभियान के दौरान लगाए गए पौधों की ग्रोथ देखी। पौधों की अच्छी स्थिति पर उन्होंने संतुष्टि जताई।

वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग केवल संख्या बढ़ाने पर काम नहीं कर रहा है। लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनका जीवित रहना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है। पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखा जा रहा है।

देहरादून-ऋषिकेश हाईवे पर सात मोड़ के पास पेड़ कटान का विरोध चल रहा है। प्रदर्शनकारी इसे ‘ब्लैक हरेला अभियान’ का नाम दे रहे हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने इस विरोध पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का विरोध केवल प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है। जिन परियोजनाओं का विरोध हो रहा है, उनके लिए सभी जरूरी कानूनी और पर्यावरणीय अनुमतियां ली जा चुकी हैं। तथ्यों को दरकिनार कर विरोध करना पूरी तरह अनुचित है।

हरेला प्रकृति से जुड़ा उत्तराखंड का पारंपरिक लोकपर्व है। इसका शाब्दिक अर्थ हरियाली होता है। राज्य में इसे प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। वन विभाग अगले एक महीने तक एक करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य पर काम करेगा।

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