---Advertisement---

Uttarkashi Earthquake : उत्तराखंड में फिर थर्राई धरती! उत्तरकाशी में भूकंप के झटकों से सहमे लोग, घरों से निकले बाहर

---Advertisement---

उत्तरकाशी, 16 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarkashi Earthquake : उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भटवाड़ी विकासखंड मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में धरती अचानक हिलने लगी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गई है।

झटके महसूस होते ही भटवाड़ी इलाके में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात बरतते हुए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से तुरंत बाहर निकल आए। धरती कुछ ही सेकंड तक हिली और थोड़ी देर बाद हालात पूरी तरह सामान्य हो गए।

उत्तरकाशी जिला आपदा नियंत्रण कक्ष ने भूकंप से जुड़े सटीक आंकड़े जारी किए हैं। भूकंप का केंद्र भटवाड़ी तहसील के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पिलंग गांव के जंगलों में था। यह केंद्र जमीन के अंदर लगभग 7 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कम तीव्रता का भूकंप होने के कारण जिले के बाकी हिस्सों में इसका कोई व्यापक असर नहीं दिखा।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भूकंप की सूचना मिलते ही सक्रिय हो गए। जिले की अलग-अलग तहसीलों और सभी पुलिस थानों से तुरंत संपर्क साधा गया। शुरुआती रिपोर्ट में जिले के किसी भी हिस्से से जनहानि या इमारतों को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं मिली है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने भूकंप की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भटवाड़ी क्षेत्र में भूकंप के हल्के झटके लगे हैं। पिलंग गांव के जंगलों में 7 किलोमीटर नीचे आए इस भूकंप की तीव्रता 3.5 थी।

शार्दुल गुसाईं ने नुकसान का आकलन करने के लिए सभी तहसीलों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। संबंधित विभागों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उन्होंने किसी भी तरह के जानमाल या संपत्ति के नुकसान से साफ इनकार किया है। प्रशासनिक अमला लगातार पूरे जिले की स्थिति पर नजर रखे हुए है।

जिला आपदा नियंत्रण कक्ष नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण भूकंप को लेकर बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। इस पहाड़ी राज्य में लगातार भूकंप के झटके दर्ज किए जाते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने साल 2025 में देशभर की भूकंप संवेदनशीलता का नया मैप जारी किया था।

नए मैप के लागू होने के बाद उत्तराखंड की संवेदनशीलता श्रेणी में बड़ा बदलाव हुआ। पहले इस राज्य को भूकंप के लिहाज से जोन 4 और 5 में रखा गया था। 2025 के नए मानकों के तहत बीआईएस ने उत्तराखंड को जोन 4 और 5 से हटाकर सबसे अति संवेदनशील जोन 6 में शामिल कर दिया है।

यह भी पढ़ें : MDDA का सबसे बड़ा प्रहार! डोईवाला में 30 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर गरजा बुलडोजर

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment