देहरादून, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Rispana Bindal project : देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदियों पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना को एनएचएआई की अंतिम मंजूरी का अभी और इंतजार करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस 26 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने से पहले एक नई हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराने का सख्त निर्देश दिया है।
उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) पहले ही इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अंतिम मंजूरी के लिए एनएचएआई को भेज चुका है। एनएचएआई की तकनीकी टीम ने फाइल का अध्ययन करने के बाद सुरक्षा मानकों को लेकर यह नया कदम उठाया।
लोनिवि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह नई हाइड्रोलॉजिकल जांच केवल कागजों या कंप्यूटर के गणितीय मॉडल (मैथमैटिकल स्टडी) तक सीमित नहीं रहेगी। विशेषज्ञ धरातल पर उतरकर भौतिक रूप से (फिजिकल मेथड) नदियों के प्रवाह और क्षमता का बारीक आकलन करेंगे।
इस हाईप्रोफाइल और तकनीकी जांच की जिम्मेदारी बहादराबाद स्थित सिंचाई अनुसंधान संस्थान (आईआरआई) को सौंपी गई है। आईआरआई की टीम जल्द ही रिस्पना और बिंदाल नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपना काम शुरू करेगी।
आईआईटी रुड़की पहले ही इस एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का अध्ययन कर चुका है। रुड़की के विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में इस परियोजना को पूरी तरह सुरक्षित करार दिया था। एनएचएआई इस विशाल प्रोजेक्ट में सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
आईआरआई के वैज्ञानिक दून घाटी में पिछले 100 वर्षों के दौरान हुई रिकॉर्ड बारिश का पूरा डेटा खंगालेंगे। बीते एक दशक की भीषण बाढ़ के पुराने आंकड़ों का गहराई से तकनीकी विश्लेषण किया जाएगा।
मुख्य जांच इस बात पर केंद्रित है कि भविष्य में अगर देहरादून में कोई भयानक बाढ़ आती है तो क्या यह विशाल एलिवेटेड रोड उसके दबाव को झेल पाएगी। पिलर के डिजाइन और नींव की मजबूती को इसी आधार पर परखा जाएगा।
यह मेगा प्लान दून की ट्रैफिक व्यवस्था को जड़ से बदलने की क्षमता रखता है। शहर के बाहर से आने वाले व्यावसायिक और भारी वाहन शहर की सड़कों पर प्रवेश किए बिना सीधे बाहर निकल सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज पांडे ने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड रोड की डीपीआर एनएचएआई को भेजी जा चुकी है और अंतिम स्वीकृति मिलने से ठीक पहले यह हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराई जा रही है।









