चमोली, 17 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के बाद अब एक नया विवाद सामने आ गया है। पैसे लेकर अवैध रूप से दर्शन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। श्री बदरीश पंडा पंचायत ने सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है।
17 जुलाई 2026 को भेजे गए इस पत्र में धाम की आंतरिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं। कुछ लोग श्रद्धालुओं और यात्रियों से धन वसूल कर नियमों को ताक पर रख रहे हैं। पंडा पंचायत ने इस पूरे रैकेट की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गड़बड़ी का मुख्य केंद्र नंबर-2 गेट को बताया गया है। पंचायत का दावा है कि विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारी यहां सक्रिय हैं। वे कथित रूप से लोगों को अनाधिकृत प्रवेश दिलाकर मुख्य दर्शन व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं।
धाम में पहले से ही चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण की जांच चल रही है। पंडा पंचायत ने राज्य सरकार द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का स्वागत किया है। उन्होंने जांच एजेंसियों को हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिया है।
पंचायत ने मुख्यमंत्री से मौजूदा जांच का दायरा बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने अवैध दर्शन कराने वाले नेटवर्क को भी इसी जांच में शामिल करने की अपील की है। पंचायत ने साफ किया है कि इन आरोपों की गहराई से पड़ताल होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच होने पर धाम में पनप रही कई अन्य अनियमितताएं भी बेनकाब हो सकती हैं। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सख्त कानूनी कार्रवाई पर जोर दिया गया है। पंचायत ने लिखा है कि आरोप सही पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
कड़े एक्शन से ही धाम के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास भी मजबूत होगा। अवैध दर्शन और कर्मचारियों की भूमिका से जुड़े ये सभी बिंदु श्री बदरीश पंडा पंचायत के पत्र में मुख्य रूप से शामिल किए गए हैं।









