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Uttarakhand News : क्रशर से 15 किलोमीटर डंपर में दबकर आई लाश, फावड़ा लगने से हुआ सनसनीखेज खुलासा

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हल्द्वानी, 27 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand News : चौफूला-कठघरिया नहर निर्माण स्थल पर डंपर द्वारा गिराई गई रेत के ढेर से एक युवक की लाश बरामद हुई है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का फावड़ा जब रेत भरते समय सीधा युवक के सिर पर लगा तब इस घटना का पता चला। मृतक की पहचान पवन के रूप में हुई है।

बरेली के रहने वाले मजदूर सलीम ने अपने एक अन्य साथी के साथ शाम चार बजे नहर कवरिंग के लिए रेत उठानी शुरू की थी। तसले में रेत भरते समय फावड़ा किसी ठोस चीज से टकराया। सामने एक इंसान का खून से लथपथ सिर पड़ा था।

लाश देखते ही दोनों मजदूर मौके से चीखते हुए भागे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। दोपहर डेढ़ बजे ही एक डंपर इस जगह पर रेत उतारकर गया था।

यह रेत लालकुआं के एक स्टोन क्रशर से आई थी। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि स्टोन क्रशर में हादसे के बाद पवन की लाश करीब दो घंटे तक रेत में दबी रही। क्रशर प्रबंधन ने किसी भी स्तर पर युवक की तलाश नहीं की।

दूसरा चालक गाड़ी लेकर 15 किलोमीटर का सफर तय कर हल्द्वानी पहुंच गया। यहां कठघरिया में डंपर खाली किया गया। हल्द्वानी पहुंचने के बाद भी शव पांच घंटे तक रेत में ही दबा रहा। किसी ने क्रशर के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की जरूरत महसूस नहीं की।

सूचना मिलने पर मुखानी कोतवाली के एसएसआई वीरेंद्र चंद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद एसपी मनोज कत्याल ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों और स्थानीय लोगों से घटना की जानकारी ली। एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया गया।

नहर कवरिंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार से भी एसपी ने पूछताछ की है। ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि मजदूरों के चिल्लाने पर उसे लाश दबे होने का पता चला। ठेकेदार ने ही सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी थी।

एसपी सिटी के अनुसार क्रशर में लोडर ने संभवतः पवन के ऊपर रेता डाल दिया होगा जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई। वाहन चालू हालत में दो घंटे तक वहीं खड़ा था। क्रशर प्रबंधन की यह एक लापरवाही सामने आई है। सामाजिक कार्यकर्ता मन्नू गोस्वामी ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की हत्या के एंगल से जांच करने की लिखित मांग की है।

रविवार शाम हुई इस घटना के बाद सड़क पर भारी जाम लग गया। ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। एसपी के निर्देश पर एसओ मुखानी सुशील जोशी ने चंबल पुल की तरफ से आने वाले सभी वाहनों का रूट डायवर्ट कर दिया।

घटनास्थल पर पुलिस को फॉरेंसिक टीम का लंबा इंतजार करना पड़ा। सूचना के दो घंटे बाद भी एफएसएल की टीम मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस ने एक एंबुलेंस बुलाई और शव को पंचनामा भरकर डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल भेज दिया। बाद में एफएसएल ने आकर घटनास्थल से खून और रेत के नमूने लिए।

देर शाम मृतक पवन के पिता, भाई और ताई अस्पताल पहुंच गए। ताई रोते हुए लगातार एक ही बात कह रही थीं कि उनका पवन कहां चला गया। पवन की मां का निधन पहले ही हो चुका था और वह अपनी ताई के साथ ही रहता था। परिवार वाले उसे सुबह से ही लगातार फोन कर रहे थे।

पवन ने हाल ही में क्लीनर का काम करते हुए डंपर चलाना सीखा था। मुख्य चालक क्रशर के गेट पर ही उतर गया था क्योंकि उसे किसी निजी काम से जाना था। पवन खुद डंपर को अंदर क्रशर में ले गया था। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित परिवार की तरफ से अभी कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलते ही सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा।

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