देहरादून, 30 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Badrinath Donation Theft : बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के गंभीर मामले में एसआईटी ने मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ अपनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित आरोपी के आवास पर विशेष जांच टीम ने औचक छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान टीम ने घर का कोना-कोना बारीकी से खंगाला और तलाशी का यह दौर लगातार तीन घंटे तक चला। इस लंबी तलाशी के बाद जांच टीम के हाथ कई अहम दस्तावेज और सबूत लगे हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी प्रमोद नौटियाल ने इस चोरी के जरिए अकूत संपत्तियां बनाई हैं और इसका आधिकारिक खुलासा जल्द ही एसआईटी द्वारा किया जाएगा। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अवैध रूप से जुटाई गई रकम को विभिन्न जगहों पर निवेश किया है।
तलाशी अभियान के दौरान जांच टीम को कुल तीन प्रॉपर्टी के बेनामी दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन कागजातों की अब वित्तीय विशेषज्ञों और राजस्व विभाग की मदद से गहरी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से चुराई गई रकम का इस्तेमाल इन बेनामी संपत्तियों को खरीदने में किया गया था या नहीं। दून में हुई इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी से ठीक एक दिन पहले यानी मंगलवार को जांच टीम ने बदरीनाथ स्थित आरोपी के आवासीय कमरे की भी पूरी तलाशी ली थी।
बदरीनाथ स्थित उस कमरे की तलाशी के दौरान टीम को नेपाली करेंसी की दो गड्डियां और कुछ चांदी के सिक्के हाथ लगे। इसके साथ ही मौके से कई हजार रुपये की नकद राशि भी बरामद की गई है।
नेपाली मुद्रा के रूप में विदेशी करेंसी मिलने के बाद पुलिस अब इस नए एंगल से भी अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का यह मानना है कि हो सकता है यह राशि विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाए गए दान का हिस्सा हो।
बुधवार को बदरीनाथ धाम में शुरुआती पूछताछ पूरी होने के बाद जांच टीम आरोपी प्रमोद नौटियाल को सड़क मार्ग से देहरादून लेकर आई थी। देहरादून लाए जाने के बाद से ही एसआईटी कस्टडी में उससे लगातार पूछताछ का सिलसिला जारी है।
रिमांड पर लिए जाने के बाद से आरोपी ने अब तक अपने किसी भी अन्य साथी या मददगार का नाम पुलिस के सामने नहीं उगला है। वह लगातार पुलिस के सवालों को घुमाने की कोशिश कर रहा है और सहयोग नहीं कर रहा है।
जांच टीम को पूरी उम्मीद है कि बरामद हुए ठोस साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज को सामने रखकर जब उससे सख्ती से क्रॉस-क्वेश्चनिंग की जाएगी, तो वह जल्द ही टूट जाएगा। इसके बाद इस पूरे चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य चेहरों के नाम भी बेनकाब हो जाएंगे।
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं के इस पूरे प्रकरण में पुलिस अब तक दो बड़ी गिरफ्तारियां कर चुकी है। प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मंदिर समिति से जुड़े एक अन्य बड़े अधिकारी पर भी शिकंजा कसा है।
इस कड़ी में बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति यानी बीकेटीसी के पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है जो 17 जुलाई को दर्ज की गई थी।
चमोली जिले के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने मीडिया को इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए राजेंद्र चौहान पूर्व में मंदिर में गणना अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, आरोपी राजेंद्र चौहान कुछ दिन पूर्व ही अपनी इस सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। पुलिस अब उनके कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन और मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड की भी स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार की पूरी परतें खुल सकें।









