देहरादून, 30 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
PMAY Uttarakhand Flats : हर परिवार का एक ही सपना होता है कि उसका अपना एक ऐसा घर हो जहां बच्चों की हंसी गूंजे और भविष्य सुरक्षित महसूस हो। गुरुवार को देहरादून में ऐसे ही 232 परिवारों के वर्षों पुराने इस इंतजार का अंत हो गया और उनके सपनों को एक नया पता मिल गया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने धौलास आवासीय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के चयनित लाभार्थियों को नए आशियाने सौंप दिए।
यह आवंटन किसी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया की तरह नहीं बल्कि उन परिवारों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का नया अध्याय था जो लंबे समय से अपने घर की उम्मीद लगाए बैठे थे। आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिसमें बड़ी संख्या में लाभार्थी और अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड सरकार हर पात्र परिवार को अपना घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही इन योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है ताकि समाज के हर अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।
इसी कड़ी में धौलास आवासीय योजना के 232 ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भवन संख्या का आवंटन किया गया। यह पूरी प्रक्रिया कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के जरिए पूरी की गई ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता को लेकर कोई सवाल या संशय न बचे।
लॉटरी की इस पूरी प्रक्रिया को लाभार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंजाम तक पहुंचाया गया जिससे हर एक आवंटन पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर योग्य नागरिक को सम्मानजनक आवास देने के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
भविष्य में भी आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसी तमाम जनकल्याणकारी योजनाएं लगातार धरातल पर लाई जाती रहेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार अपने घर के सपने से किसी भी वजह से वंचित न रहने पाए।
इस पूरे कार्यक्रम की सबसे खास और भावुक तस्वीर तब देखने को मिली जब प्राधिकरण ने अपने सामाजिक सरोकारों को सबसे ऊपर रखते हुए मानवता की मिसाल पेश की। अधिकारियों ने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए चार दिव्यांग लाभार्थियों और दो वरिष्ठ नागरिकों को भूतल पर फ्लैट आवंटित करने का बड़ा फैसला लिया।
यह निर्णय महज एक प्रशासनिक फेरबदल या औपचारिकता नहीं थी बल्कि यह इस बात का प्रमाण था कि सच्चा विकास वही है जिसमें समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्ग का पूरा ध्यान रखा जाए। भूतल पर फ्लैट मिलने से इन विशेष श्रेणी के लाभार्थियों का दैनिक जीवन काफी सुगम और सुविधाजनक हो जाएगा।
धौलास आवासीय योजना को केवल चार दीवारों के ढांचे के रूप में नहीं बल्कि एक व्यवस्थित जीवनशैली के रूप में विकसित किया गया है। इस परियोजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पूरी तरह सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर नागरिक सुविधाओं से लैस आवासीय वातावरण प्रदान किया जा रहा है।
फ्लैट आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब लाभार्थियों ने अपने नए घरों की ओर कदम बढ़ाए तो उनके चेहरों पर अलग ही आत्मविश्वास और संतोष साफ झलक रहा था। वर्षों के लंबे इंतजार के बाद अपने खुद के आशियाने की चाबी हाथ में आते ही कई परिवारों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि फ्लैटों के आवंटन का पूरा चरण निर्धारित नियमों के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया गया। उन्होंने पुष्टि की कि सभी 232 लाभार्थियों को पूरी तरह निष्computerized लॉटरी प्रणाली के माध्यम से ही भवन संख्या आंटित की गई है।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका मुख्य ध्येय सिर्फ इमारतें खड़ी करना नहीं है। उनका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को एक ऐसा गुणवत्तापूर्ण आवास देना है जो उन्हें समाज में पूरी गरिमा के साथ जीने का अवसर प्रदान कर सके।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण आगे भी पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित के कार्य करता रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
धौलास आवासीय योजना के तहत इन 232 परिवारों को मिला आशियाना सरकार की समावेशी विकास नीति का एक मजबूत और सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह योजना साबित करती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो आम आदमी के जीवन में सकारात्मक बदलाव आना पूरी तरह संभव हो जाता है।









