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SIR Voter List प्रक्रिया पर राजनीति तेज, भाजपा ने कांग्रेस को दी तथ्यों के साथ बात रखने की सलाह

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देहरादून, 31 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

SIR Voter List : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने एसआईआर मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस पूरी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य राज्य में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है।

यदि किसी भी स्तर पर कोई तकनीकी या फिर प्रशासनिक कमी पाई जाती है, तो उसके समाधान के लिए निर्वाचन आयोग के समक्ष वैधानिक व्यवस्था पहले से ही मौजूद है। लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी जिस तरह से लगातार सवाल उठा रही है, वह पूरी तरह से निराधार और केवल राजनीतिक दुष्प्रचार प्रतीत होता है।

कांग्रेस पार्टी की तरफ से यह भ्रम फैलाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है कि एसआईआर कोई नई या असाधारण प्रक्रिया है। जबकि सच्चाई यह है कि यह निर्वाचन आयोग की वर्षों से चली आ रही एक नियमित और वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

उत्तराखंड राज्य से पहले भी देश के कई अन्य राज्यों में सफलतापूर्वक एसआईआर की प्रक्रिया संपन्न कराई जा चुकी है। कांग्रेस एक बार फिर से देश की प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अनावश्यक सवालिया निशान लगाकर आम जनता को भ्रमित करने का काम कर रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा लगातार गड़बड़ी की आशंकाएं जताए जाने और सुबूत होने के दावे पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि यदि उनके पास वाकई कोई पुख्ता तथ्य मौजूद हैं, तो उन्हें हवा में बयानबाजी करने के बजाय सीधे निर्वाचन आयोग के सम्मुख रखना चाहिए।

किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी, प्रशासनिक सुझाव या फिर शिकायत दर्ज कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तय की गई एक स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था उपलब्ध है। भाजपा का शुरू से यह स्पष्ट मत रहा है कि सभी राजनीतिक दलों को आयोग की निष्पक्ष प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।

बिना किसी ठोस तथ्य या प्रमाण के पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की कोशिश मानी जाएगी।

एसआईआर की पूरी प्रणाली के तकनीकी पहलुओं को समझाते हुए बताया गया है कि इसमें फॉर्म 6 का उपयोग मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए किया जाता है।

इसी तरह फॉर्म 7 का उपयोग सूची से मौजूदा नाम हटाने के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि फॉर्म 8 का प्रयोग विवरण दुरुस्त करने या दूसरी जगह नाम जोड़ने के लिए होता है।

कांग्रेस पार्टी को बिना किसी आधार के बेबुनियाद आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बजाय इन्हीं प्रमाणित दस्तावेजों के साथ प्रशासन के पास अपनी आपत्तियां दर्ज करानी चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी का यह पुख्ता विश्वास है कि भारत निर्वाचन आयोग पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहा है।

आयोग की तरफ से सभी प्राप्त होने वाली शिकायतों और आपत्तियों पर पूरी गंभीरता के साथ नियमानुसार विचार किया जाएगा और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

भाजपा की तरफ से राज्य के सभी मतदाताओं से यह विशेष अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक प्रचार से पूरी तरह दूर रहें।

मतदाताओं को चाहिए कि वे निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित तय प्रक्रिया के अनुसार ही अपने नए दावे और आपत्तियां समय पर प्रस्तुत करें।

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