देहरादून, 31 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।
Uttarakhand Weather Update : राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है और अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और देश भर से लोग पवित्र धामों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। बद्रीनाथ धाम में पिछले दिन 2322 यात्रियों ने दर्शन किए और अब तक कुल क्रमिक यात्रियों का आंकड़ा 15,49,900 तक पहुंच चुका है।
श्री हेमकुण्ड साहिब में पिछले दिन 1009 श्रद्धालुओं ने माथा टेका जबकि केदारनाथ धाम में 625 यात्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और पिछले दिन वहां 2128 यात्रियों ने पूजा-अर्चना की। यमुनोत्री मार्ग पर स्थिति सामान्य बनी हुई है और कुल मिलाकर चारधाम यात्रा में अब तक कुल 45,69,405 यात्री अपनी यात्रा पूरी कर चुके हैं।
यात्रा के दौरान स्वास्थ्य कारणों और अन्य वजहों से कुछ अप्रिय घटनाएं भी सामने आई हैं जिनमें अब तक कुल 210 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह से मरने वालों की संख्या 207 दर्ज की गई है जबकि सामान्य मौतों के मामले 3 हैं। प्राकृतिक आपदाओं की वजह से इस बार यात्रा मार्ग पर किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों में भी श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम में पिछले दिन 3340 श्रद्धालुओं ने पूजा की। नैनीताल के प्रसिद्ध कैंची धाम में 9323 भक्तों ने दर्शन किए जबकि हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान भारी संख्या में शिव भक्त पहुंच रहे हैं। हरिद्वार में पिछले दिन 2,02,383 कांवड़ यात्रियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कुल कांवड़ यात्रियों का आंकड़ा 7,55,383 पहुंच गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के सातों दल अपनी तय यात्रा प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रहे हैं और चतुर्थ दल ने धारचूला से चौकोड़ी के लिए प्रस्थान किया है। सप्तम दल के सभी 41 यात्रियों का गुंजी में मेडिकल परीक्षण कराया गया है और सभी यात्री पूरी तरह स्वस्थ बताए गए हैं। कुल मिलाकर 331 यात्री इस प्रतिष्ठित यात्रा में शामिल हैं।
प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं और सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं और 1 अप्रैल से अब तक आपदा की वजह से कुल 28 लोगों की मौत हो चुकी है। सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला भी थम नहीं रहा है और साल की शुरुआत से अब तक कुल 208 लोगों की सड़क हादसों में जान जा चुकी है।
सड़क नेटवर्क पर मौसम की मार का असर साफ दिख रहा है और पूरे प्रदेश में इस समय कुल 91 मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध पड़े हैं। इनमें सबसे ज्यादा 76 ग्रामीण मार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रास्ते शामिल हैं जिन्हें खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
उत्तरकाशी जिले में डबरानी के पास गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण दो कांवड़ यात्री घायल हो गए। इसके अलावा मातली के पास एक वाहन की टक्कर से एक अन्य कांवड़ यात्री घायल हुआ जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव को रोकने के लिए वायरक्रेट और पीसीसी का काम चल रहा है और तीन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
रुद्रप्रयाग क्षेत्र में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं जबकि ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को मुनकटिया के पास यातायात के लिए पूरी तरह सुचारू कर दिया गया है। चमोली जिले में भी सभी मुख्य राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग सुचारू स्थिति में हैं हालांकि 15 ग्रामीण मार्ग अभी भी बंद हैं।
हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर 293.00 मीटर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान 294.00 मीटर से करीब 1.20 मीटर नीचे है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।









