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Dehradun Weather Update : देहरादून में बारिश के बाद 5 सड़कें बंद, कालसी-चकराता मार्ग पर आवाजाही ठप

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देहरादून, 03 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Weather Update : उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण देहरादून जिले के विभिन्न हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। सोमवार सुबह जारी आपदा परिचालन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक जिले में औसतन 16.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण जिले के पांच प्रमुख मार्ग भूस्खलन और मलबे की वजह से बंद हो गए हैं, जिससे ग्रामीण और अंतरराज्यीय आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है।

तहसील चकराता क्षेत्र में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है, जबकि मसूरी उप तहसील में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई है। बाकी तहसीलों में दिनभर बादलों का डेरा बना हुआ है। राहत की बात यह है कि जिले में किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा की सूचना नहीं है, लेकिन सड़क मार्गों के अवरुद्ध होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो कालसी क्षेत्र में सर्वाधिक 55.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके बाद हाथीबड़कला में 20.5 मिमी, विकासनगर में 14.5 मिमी और मसूरी में 12.5 मिमी बारिश दर्ज हुई। यू-कास्ट में 7.0 मिमी, चकराता में 1.0 मिमी और कोटी में 1.5 मिमी बारिश हुई है। वहीं ऋषिकेश, जौलीग्रांट, त्यूनी और मोहकमपुर क्षेत्रों में बारिश शून्य दर्ज की गई।

सड़कों की स्थिति पर बात करें तो लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड सहिया के अंतर्गत आने वाला राज्य मार्ग-20 कालसी-चकराता मार्ग जजरेट के किलोमीटर 10 पर मलबा आने से पूरी तरह बंद है। प्रशासनिक अमला इसे सुबह 10:30 बजे तक खोलने के काम में लगा हुआ है।

हरिपुर इच्छाड़ी कुवानु मीनस राज्य मार्ग-21 भी लालढंग के किलोमीटर 4 और 5 के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों की वजह से ठप पड़ा है। इसे भी सुबह 10:30 बजे तक यातायात के लिए बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है।

चकराता प्रखंड के तहत आने वाला खारसी लिंक मोटर मार्ग किलोमीटर 7 पर इंद्रोली के पास भूस्खलन के कारण बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग की जेसीबी मशीनें मौके पर तैनात हैं और इस मार्ग को शाम 4:00 बजे तक ही सुचारू बनाए जाने की संभावना जताई गई है।

पीएमजीएसवाई देहरादून द्वारा संचालित सहस्त्रधारा से सरोना मोटर मार्ग अपग्रेडेशन कार्य के किलोमीटर 05 पर बंद हो गया है। इस पहाड़ी मार्ग से मलबे को हटाने का काम जारी है और शाम 6:00 बजे तक यातायात बहाल होने की उम्मीद है।

पीएमजीएसवाई कालसी के तहत परिहार से सिमोग मोटर मार्ग किलोमीटर 2 और 3 पर भूस्खलन की वजह से अवरुद्ध है। इस ग्रामीण मार्ग को दोपहर 03:00 बजे तक खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

मानसून सत्र के दौरान 15 जून से अब तक जिले में कुल 465 मार्ग बंद हुए थे, जिनमें से 460 मार्गों को कड़ी मशक्कत के बाद खोल दिया गया है। वर्तमान में केवल यही 05 मार्ग बंद चल रहे हैं जिन्हें साफ करने के लिए भारी मशीनरी काम पर लगी है।

नदियों के जलस्तर की बात करें तो ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 339.12 मीटर दर्ज किया गया है, जो कि चेतावनी स्तर 339.50 मीटर के करीब पहुंच रहा है। गंगा का खतरे का निशान 340.50 मीटर पर निर्धारित है।

डाकपत्थर में यमुना नदी का जलस्तर 454.76 मीटर तक पहुंच गया है, जहां चेतावनी और खतरे का स्तर 455.37 मीटर तय है। यहां से 770.34 क्यूमेक पानी का डिस्चार्ज किया जा रहा है।

इच्छाड़ी में टोन्स नदी का वर्तमान जलस्तर 643.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। इसका चेतावनी स्तर 644.60 मीटर और खतरे का निशान 644.75 मीटर है, जहां से 503.84 क्यूमेक डिस्चार्ज जारी है।

प्रशासनिक स्तर पर बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर राहत भरी खबर है। तहसीलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है।

पेयजल संकट से जुड़ी 15 जून से अब तक कुल 22 शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनका शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया है।

जलभराव से संबंधित 34 शिकायतें सामने आई थीं और प्रशासनिक टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 34 जलभराव वाले स्थलों से पानी की निकासी करा दी है।

15 जून से अब तक अंधड़ और बारिश के कारण पेड़ गिरने की कुल 30 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिन पर वन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने तत्काल कार्रवाई की।

नगर निगम देहरादून क्षेत्रांतर्गत सुरक्षा के लिहाज से 23 जीर्ण-शीर्ण भवनों को चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के अनुपालन में इन खतरनाक भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

बारिश और बाढ़ के लिहाज से नगर निगम देहरादून क्षेत्र की 3 मलीन बस्तियों (सुंदरवाला, सपेरा बस्ती और मलीन बस्ती) को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया गया है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी मेडिकल-राहत टीमें इन क्षेत्रों में 24 घंटे लगातार निगरानी रख रही हैं।

मानसून काल के दौरान मसूरी नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 9 में 10 जुलाई 2026 को एक पुश्ता क्षतिग्रस्त हुआ था, जिससे 01 छप्पर और 01 टीनपोश को नुकसान पहुंचा था।

15 जून से अब तक जिले में बादल फटने या बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड की कोई घटना सामने नहीं आई है।

मानव और पशु हानि के आंकड़ों के अनुसार 11 जुलाई को 01 महिला और 13 जुलाई को 02 पुरुष घायल हुए थे, जिनका उपचार कराया जा चुका है।

वर्तमान में जिले के भीतर किसी भी प्रकार की यात्रा को नहीं रोका गया है और सभी चारधाम व स्थानीय यात्राएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

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