देहरादून, 03 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
कालसी थाना परिसर में सोमवार को अचानक गहमागहमी बढ़ गई, जब एकलव्य रेजिडेंशियल स्कूल के दर्जनों छात्र-छात्राएं यूनिफॉर्म में पुलिस की कार्यप्रणाली समझने पहुंचे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देशों के बाद जिले भर में चलाए जा रहे व्यापक जागरूकता अभियान के तहत इस खास शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सबसे पहले थाने के अलग-अलग दफ्तरों, मालखाने और बही-खातों के रख-रखाव की जानकारी दी। एक आम नागरिक जब अपनी शिकायत लेकर आता है तो पुलिस की प्रक्रिया कैसे शुरू होती है, इस पर आसान भाषा में पूरी बात रखी गई।
आजकल जिस तरह से ऑनलाइन फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए साइबर अपराध से बचाव के तरीकों पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि सोशल मीडिया पर किसी अजनबी से निजी जानकारी साझा करना कितना खतरनाक हो सकता है और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
नशे की गिरफ़्त में फंसती युवा पीढ़ी को बचाने के लिए पुलिस टीम ने इसके सामाजिक और शारीरिक दुष्परिणामों को खुलकर सामने रखा। बच्चों को बताया गया कि कैसे शुरुआत में कौतूहलवश शुरू की गई आदत आगे चलकर जिंदगी और परिवार दोनों को तबाह कर देती है।
सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई। हेलमेट लगाने, तेज रफ्तार से बचने और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाने के बुनियादी कायदे समझाए गए।
महिला एवं बाल सुरक्षा के मुद्दे पर भी थाना परिसर में विस्तृत बातचीत हुई। आपात स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए जारी किए गए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की सूची बच्चों को नोट कराई गई और उनका सही इस्तेमाल सिखाया गया।
सत्र के दौरान बच्चों ने भी बिना किसी झिझक के पुलिस अधिकारियों के सामने अपने सवाल रखे। एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया से लेकर कानून की पेचीदगियों पर पूछे गए सवालों का पुलिस अफसरों ने व्यावहारिक उदाहरण देकर समाधान किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्कूली जीवन से ही अगर बच्चों को कानून, अधिकारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का सही बोध कराया जाए तो वे भविष्य में एक सतर्क नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी इस प्रकार के सीधे संवाद कार्यक्रम जारी रहेंगे।









