देहरादून, 3 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Chamoli News : चमोली जनपद के दशोली विकासखंड में स्थित ग्राम खैनूरी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क आपदा की वजह से पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। सड़क मार्ग कट जाने से गांव का संपर्क बाकी हिस्सों से कट गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत हस्तक्षेप किया है।
खैनूरी गांव के निवासियों ने फोन के जरिए सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से संपर्क साधा। ग्रामीणों ने बातचीत के दौरान गांव के मौजूदा हालात और टूट चुकी सड़क की भयावह तस्वीर सामने रखी। सड़क धंसने और मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है।
आपदा के कारण सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से खैनूरी गांव के लगभग 120 परिवारों की दैनिक आवाजाही प्रभावित हो चुकी है। ग्रामीणों को जरूरी सामान जुटाने और इलाज के लिए अस्पताल तक जाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की इस सीधी शिकायत को मुख्यमंत्री ने बेहद गंभीरता से लिया।
ग्रामीणों से बात करने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने चमोली के जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने आदेश दिए कि प्राथमिकता के आधार पर खैनूरी सड़क को दुरुस्त किया जाए। गाड़ियों का आवागमन बिना किसी देरी के सुरक्षित तरीके से शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को मौके पर जाकर जमीनी स्थिति का आकलन करने को कहा है। सड़क निर्माण और मलबे की सफाई के लिए जरूरी मशीनरी तुरंत तैनात करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र में किसी भी लापरवाही पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राज्य सरकार का रुख साफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की परेशानी का समय सीमा के भीतर समाधान करना शासन की पहली प्राथमिकता है। आपदा प्रभावित इलाकों में केवल सड़क ही नहीं, बल्कि पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को पटरी पर लाने में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोक निर्माण विभाग, बिजली विभाग और पेयजल निगम को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। अलग-अलग विभागों की खींचतान के कारण जनता के काम रुकने नहीं चाहिए। बुनियादी सुविधाओं को तुरंत बहाल कर ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंचाने को कहा गया है।
दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों से आने वाली शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी हुए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आपदा के समय जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी होगी। दफ्तरों से निकलकर जमीनी स्तर पर असर दिखना चाहिए।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन को वापस पटरी पर लाना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। शासन और प्रशासन को हिदायत दी गई है कि आम जनता से मिलने वाली सूचनाओं पर तत्काल एक्शन लिया जाए ताकि लोगों को इस मुश्किल वक्त में अनावश्यक परेशानियों से न जूझना पड़े।









