---Advertisement---

Viksit Uttarakhand Vision 2047 : दिसंबर तक तैयार होंगे जिला स्तरीय प्लान, पर्यटन और एमएसएमई पर रहेगा मुख्य फोकस

---Advertisement---

देहरादून, 03 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Viksit Uttarakhand Vision 2047 : राजधानी देहरादून के राजपुर रोड स्थित सिविल सर्विसेज इंस्टीट्यूट में सोमवार को ‘विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ का खाका खींचने के लिए एक उच्च स्तरीय ब्रेनस्टॉर्मिंग बैठक आयोजित की गई। सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) और नियोजन विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक में राज्य के शीर्ष अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भावी रोडमैप पर विस्तार से मंथन किया।

वन विभाग के प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु ने कार्यक्रम की शुरुआत में स्पष्ट किया कि राज्य स्तर पर ‘विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ का ड्राफ्ट लगभग पूरा कर लिया गया है। इस दस्तावेज को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है, ताकि राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तुरंत काम शुरू किया जा सके।

प्रमुख सचिव ने आगे रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय योजना के बाद अब जिला स्तर पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। राज्य के सभी जनपदों के लिए अलग-अलग ‘जनपद स्तरीय विजन 2047 कार्ययोजना’ तैयार की जाएगी, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लेने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया कि विजन 2047 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को पाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उत्तराखंड में उपलब्ध प्राकृतिक और प्रशासनिक संसाधनों का ज्यादा से ज्यादा और सही इस्तेमाल करने की सख्त हिदायत दी गई।

राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तीन प्रमुख क्षेत्रों को सबसे बड़ा ‘ग्रोथ ड्राइवर’ माना गया है। बैठक में बागवानी (हॉर्टिकल्चर), पर्यटन और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को रफ्तार देने के लिए विशेष रणनीतियों पर चर्चा हुई। इन तीनों क्षेत्रों के जरिए स्थानीय रोजगार पैदा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

उत्तराखंड में समावेशी विकास सुनिश्चित करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर विस्तृत बातचीत हुई। फैसला लिया गया कि राज्य में लैंगिक समानता और कार्यबल में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए बालिकाओं को शुरुआती स्कूली स्तर से ही STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) शिक्षा से जोड़ा जाएगा।

सरकारी योजनाओं और संकेतकों के सटीक अनुश्रवण के लिए सिस्टम को डिजिटल रूप से अपग्रेड करने की मांग उठाई गई। अधिकारियों ने माना कि नीति निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण आंकड़े जरूरी हैं, इसलिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य स्तर पर एक मजबूत ‘केन्द्रीकृत डेटा सिस्टम’ बनाया जाएगा।

इस उच्चस्तरीय कार्यशाला में प्रशासनिक व्यवस्था के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बैठक में अपने अहम सुझाव साझा किए।

मंथन बैठक में राज्य शासन के सभी सचिव, अपर सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं के मंडलायुक्तों समेत प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने प्रत्यक्ष व वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इसके साथ ही सेतु आयोग और सीपीपीजीजी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने भी विजन 2047 को व्यावहारिक बनाने के लिए अपने आंकड़े और विचार पेश किए।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment