देहरादून, 05 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Weather Alert : भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देहरादून जिले के लिए नया मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। 05 और 06 अगस्त को कई इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट लागू कर दिया गया है।
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने संभावित आपदा से निपटने के लिए कमान संभाल ली है। उन्होंने जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से सक्रिय कर दिया गया है।
ऑरेंज अलर्ट की अवधि में पर्वतीय क्षेत्रों में सभी प्रकार की ट्रैकिंग गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन की अनुमति रद्द कर दी गई है। खराब मौसम में भूस्खलन और रास्तों के बंद होने के खतरे को देखते हुए दुर्घटनाओं की आशंका को न्यूनतम करने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
आपदा प्रबंधन प्रणाली से जुड़े नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को अपने-अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहने को कहा गया है। किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की स्थिति में उसे तत्काल खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। भारी मशीनों और कर्मचारियों को पहले से ही संवेदनशील रास्तों पर तैनात किया जा रहा है।
नगर निकायों को शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नालियों और कल्वर्टों से सभी प्रकार के अवरोध हटाकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात बाधित होने का खतरा रहता है।
समस्त राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने तैनाती क्षेत्रों में उपस्थित रहने को कहा गया है। वे अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखेंगे। किसी भी अधिकारी को बिना पूर्व अनुमति के अपना कार्यक्षेत्र छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
सभी थाना और चौकियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस बल को आपदा राहत उपकरणों और वायरलेस संचार व्यवस्था के साथ तैयार रहने को कहा गया है। संचार व्यवस्था ठप होने की स्थिति में वायरलेस नेटवर्क से ही राहत कार्यों का समन्वय किया जाएगा।
अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन हर समय चालू रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने वाहनों में बरसाती, टॉर्च, हेलमेट और अन्य आवश्यक उपकरण हर समय उपलब्ध रखने होंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में लोग फंसते हैं, तो उनके लिए राहत सामग्री की आपूर्ति तुरंत की जाएगी। प्रभावितों तक खाद्य सामग्री, पीने का पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाई जाएंगी।
लगातार हो रही बारिश के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। विद्यालयों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रशासन को मौसम की स्थिति का आकलन करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
जिला प्रशासन ने आम जनता से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। जलस्रोतों और बरसाती नदियों के आसपास जाने से मना किया गया है।
किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या आपदा की सूचना सीधे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को दी जा सकती है। इसके लिए दूरभाष नंबर 7534820006, 0135-2720000 और 0135-2620006 जारी किए गए हैं। आम नागरिक टोल फ्री नंबर 1077 पर भी कॉल करके तत्काल सहायता मांग सकते हैं।









