देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
गुरुवार देर रात राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली से उत्तराखंड कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची जारी कर दी। पिछले साल नवंबर 2025 में प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने वाले गणेश गोदियाल को अपनी टीम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। नई कार्यकारिणी में 24 उपाध्यक्ष, 36 महासचिव और 107 सचिव नियुक्त किए गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित पार्टी के 41 वरिष्ठ नेताओं को कार्यकारी समिति का हिस्सा बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस में कोषाध्यक्ष के अहम पद की जिम्मेदारी गोदावरी थापली को सौंपी गई है। पूरी सूची में कुमाऊं और गढ़वाल के जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश साफ़ दिखाई देती है।
गणेश गोदियाल शुरुआत से ही एक छोटी और चुस्त कार्यकारिणी के पक्ष में थे। उनका प्रस्ताव था कि पदाधिकारियों की संख्या सीमित रखी जाए। प्रदेश के स्थानीय और गुटीय नेताओं ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। दिल्ली भेजी गई सूची में अंतिम समय तक कांट-छांट और नाम जोड़ने का सिलसिला चलता रहा। स्थानीय नेताओं के दबाव में हाईकमान को जंबो कार्यकारिणी को मंजूरी देनी पड़ी।
प्रदेश अध्यक्ष की पसंद के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह भी अपने करीबियों को सूची में जगह दिलाने में कामयाब रहे हैं। हाईकमान ने राज्य में पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को थामने के लिए सभी धड़ों के नेताओं को पद बांटे हैं। विजय सरस्वत, धीरेंद्र प्रताप, सूर्यकांत धस्माना और नवीन जोशी जैसे चेहरे इस बार भी संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने में सफल हुए।
पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चार महत्वपूर्ण समितियों का भी ऐलान किया है। इनमें चुनाव घोषणा पत्र समिति, अनुशासन समिति और एसआईआर (SIR) समिति शामिल हैं।
एक प्रमुख समिति के अध्यक्ष पद पर भुवन कापड़ी को बैठाया गया है। डॉ. प्रेम बहुखंडी को संयोजक की भूमिका दी गई है। गुरदीप सिंह सप्पल, सूर्यकांत धस्माना और सुजाता पॉल इस समिति के सदस्य नियुक्त हुए हैं।
दूसरी महत्वपूर्ण समिति का अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी को बनाया गया है। उनके साथ सदस्य के रूप में ललित फरस्वाण, अनुपम शर्मा, हेमा पुरोहित और सी.पी. सिंह काम करेंगे।
अनुशासन और एसआईआर से जुड़ी समितियों का जिम्मा मनोज रावत और करण माहरा को मिला है। मनोज रावत की अध्यक्षता वाली समिति में अमरेंद्र बिष्ट और अधिवक्ता संदीप चमोली सदस्य हैं। करण माहरा जिस समिति के अध्यक्ष बने हैं, उसमें मनोज रावत, डॉ. प्रेम बहुखंडी और डॉ. प्रतिमा सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
कार्यकारिणी के उपाध्यक्षों की सूची में कई पुराने और दिग्गज चेहरों को जगह मिली है। हेमेश खर्कवाल, विजय सरस्वत, सूर्यकांत धस्माना, धीरेंद्र प्रताप, राजकुमार, मनोज रावत, सतीश नैनवाल और लालचंद शर्मा जैसे नाम इसमें शामिल हैं। शहरयार खान, सीपी सिंह, संजय पालीवाल, राजेंद्र पाल सिंह, सुखविंदर कौर, राजीव महर्षि, अनुपम शर्मा, हेमंत बगड़वाल, मधु सांगुरी, डॉ. प्रेम बहुखंडी, दर्शन लाल, संजय जैन, संतोष चौहान, सुजाता पॉल, संजय सैनी और इंदु मान को भी प्रदेश उपाध्यक्ष की कुर्सी दी गई है।
महासचिवों की 36 सदस्यीय टीम में राजेन्द्र भंडारी, नवीन जोशी, अभिषेक सिंह, विजय गुंसोला, तेलू राम, पुष्कर जैन, राकेश लाल शाह, दीप शर्मा, मकबूल कुरैशी, अमरजीत सिंह और याकूब सिद्दीकी के नाम प्रमुख हैं। राजेन्द्र शाह, जसवंत सिंह चौहान, सुमित्तर भुल्लर, अनीता शर्मा, जयेन्द्र रमोला, संजय किरोला, राजेन्द्र टंगड़िया, गौरव चौधरी और डॉ. गणेश उपाध्याय भी महासचिव बनाए गए हैं।
इसी सूची में वीरेन्द्र पोखरियाल, नीरज त्यागी, राकेश सिंह राणा, इशिता, विनोद चौहान, राकेश राजपूत, राव शेर मोहम्मद, राकेश नेगी, अरविन्द प्रधान, शोभा बिष्ट, दीपा आर्या, अनिल भास्कर, अश्वनी बहुगुणा, नरेंद्र राणा, डॉ. सोनिया आनंद और संदीप चीमा को भी महासचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) स्तर पर भी उत्तराखंड के नेताओं को अहम जिम्मा मिला है। पूर्व विधायक संजीव आर्य को एआईसीसी का नया सचिव नियुक्त करते हुए उत्तर प्रदेश प्रभारी के साथ संबद्ध किया गया है। संजीव आर्य नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बेटे हैं। संजीव आर्य ने हाल ही में पार्टी आलाकमान को सूचित किया था कि वह आगामी चुनाव लड़ने के बजाय संगठन के भीतर काम करना चाहते हैं। हाईकमान ने उनके इस फैसले को स्वीकार करते हुए उन्हें सीधे राष्ट्रीय संगठन में सचिव की कुर्सी सौंप दी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में चुनाव प्रबंधन और संगठन विस्तार का काम अब संजीव आर्य की देखरेख में होगा।









