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4 साल बाद घर लौट रहे अग्निवीरों के लिए धामी सरकार का तगड़ा प्लान! कर्नल कोठियाल ने बताया पूरा ब्लूप्रिंट

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देहरादून, 7 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश का पहला अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल अपना काम शुरू कर रहा है। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने स्पष्ट किया कि यह सेल पहले दो बैच के 1200 अग्निवीरों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करेगा।

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना लगातार विपक्षी दलों के निशाने पर है। पार्टी मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कर्नल कोठियाल ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक करार दिया। सेना ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर पूरी टेस्टिंग के बाद ही इस योजना को लागू किया था।

भारतीय नौसेना के अग्निवीरों का पहला बैच 21 नवंबर 2026 को पास आउट होने जा रहा है। इस बैच में सैनिकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। सरकार ने इन नौसैनिकों के व्यवस्थित पुनर्वास की पूरी तैयारी कर ली है।

थल सेना से अग्निवीरों का पहला बड़ा बैच 31 दिसंबर 2026 को अपनी चार साल की सेवा पूरी करके बाहर आएगा। इन सैनिकों के लिए एक महीने का साइलेंट पीरियड रखा गया है। सेना अपने आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 25 प्रतिशत युवाओं को वापस नियमित सेवा में रख लेगी।

31 जनवरी 2027 को सेना से दूसरा बैच पास आउट होगा। इन दोनों बैचों को मिलाकर उत्तराखंड मूल के लगभग 1200 से अधिक अग्निवीर वापस लौटेंगे। इन सभी स्किल्ड और अनुशासित युवाओं को सीधे नागरिक समाज में स्थापित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के नए सेल पर होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद बीते 17 जुलाई 2026 को राज्य में ‘अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल’ के गठन की आधिकारिक घोषणा की थी। यह विशेष सेल सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में काम करेगा।

इस सेल की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पेशेवर रखा गया है। इसमें भारतीय सेना के एक रिटायर कर्नल और राज्य सरकार के एक अनुभवी अधिकारी को शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों की एक पूरी टीम केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय, राज्य के विभिन्न विभागों और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ सीधा तालमेल बिठाएगी।

चार साल की सैन्य ट्रेनिंग से लौटने वाले युवाओं के पास अपार अनुभव होगा। नागरिक जीवन में उनके प्रवेश को आसान बनाने के लिए भारतीय सेना उनके कौशल को प्रमाणित करने का काम कर रही है।

पैरामिलिट्री फोर्सेज, असम राइफल्स और केंद्रीय विभागों में इनके लिए रोजगार के अवसर तलाशे जा रहे हैं। कॉर्पोरेट सेक्टर की विशिष्ट मांगों और अग्निवीरों की योग्यता के बीच एक सीधा ब्रिज बनाने का काम यह ‘अग्निवीर री-एम्प्लॉयमेंट सेल’ करेगा।

सभी युवा सीधे नौकरी में नहीं जाना चाहेंगे। जो युवा अपनी रुकी हुई पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं, उनके लिए भी सेल उचित मार्गदर्शन करेगा। स्वरोजगार या अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक अग्निवीरों को इस प्लेटफॉर्म से सीधी आर्थिक और तकनीकी मदद दिलाई जाएगी।

कर्नल कोठियाल ने राष्ट्रहित के इस मुद्दे पर राजनीति बंद करने की सख्त नसीहत दी है। देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय सेना के फैसलों पर पूरा भरोसा करती है। जल्द ही यह योजना धरातल पर अपने सकारात्मक परिणाम देने लगेगी।

पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष द्वारा दी गई इस विस्तृत जानकारी के समय मंच पर प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी मौजूद रहे। प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने भी प्रेस वार्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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