---Advertisement---

दलित अध्यक्ष की रैली और फिर रामलीला मैदान में हवन… हल्द्वानी में सुलग उठी सियासत!

---Advertisement---

हल्द्वानी, 13 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

हल्द्वानी की राजनीति इन दिनों रामलीला मैदान के इर्द-गिर्द घूम रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विजय शंखनाद रैली के ठीक बाद यहां शुद्धिकरण यज्ञ कराया गया। बुधवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ भारी प्रदर्शन किया।

कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति से जोड़ दिया है। पार्टी नेताओं का सीधा आरोप है कि खड़गे दलित समुदाय से आते हैं और इसी वजह से रैली स्थल को अपवित्र मानकर वहां हवन हुआ। इसे लेकर पूरे अनुसूचित जाति समाज में भारी आक्रोश पनप रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुद्ध पार्क में हुए विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इन नेताओं ने स्पष्ट रूप से भारतीय जनता पार्टी पर इस यज्ञ को प्रायोजित करने का आरोप मढ़ा।

आठ अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में कांग्रेस ने अपनी चुनावी हुंकार भरी थी। ठीक दो दिन बाद 10 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास ने यहां दस्तक दी। संस्था के सचिव राम अवस्थी के नेतृत्व में कई लोग मैदान में जुटे और वहां बाकायदा हवन-पूजन शुरू कर दिया।

श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य गिरीश चंद्र पांडे ने कांग्रेस की रैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि विजय शंखनाद रैली के बीच भीड़ से कुछ इस्लामिक नारे लगाए गए थे। उन्होंने हिंदू संगठनों के खिलाफ भी आपत्तिजनक बयानबाजी होने की बात कही।

मैदान की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को ठेस पहुंचने का तर्क दिया गया। गिरीश चंद्र पांडे ने कहा कि इसी गरिमा को वापस स्थापित करने के लिए शुद्धि हवन यज्ञ का आयोजन जरूरी हो गया था। आयोजकों ने अपने इस कदम को पूरी तरह से गैर-राजनीतिक करार दिया।

रामलीला मैदान को लेकर श्री राम सेना ने एक अलग ही बहस छेड़ दी है। संस्था का साफ कहना है कि यह एक पवित्र धार्मिक स्थल है। राजनीतिक दलों को यहां अपने कार्यक्रम आयोजित करने की बिल्कुल अनुमति नहीं होनी चाहिए। संस्था ने किसी भी समुदाय के प्रति द्वेष की भावना से इनकार किया।

भाजपा ने खुद को इस पूरे विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है। पार्टी नेताओं ने बयान जारी कर यज्ञ को एक निजी संगठन का स्वतंत्र कार्यक्रम बताया। उन्होंने कांग्रेस पर एक गैर-राजनीतिक आयोजन को लेकर जबरन राजनीति करने का आरोप लगाया।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment