रुड़की, 13 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।
हरिद्वार जिले के रुड़की में बुधवार 12 अगस्त 2026 की शाम सरेआम गोलियां चलने से भारी दहशत फैल गई। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मोहनपुरा में एक 16 साल के किशोर को निशाना बनाया गया। बहन से छेड़छाड़ का विरोध करना इस खूनी हमले की सीधी वजह बना।
हमलावर शाम करीब सात बजे देवी अहिल्याबाई होल्कर गेट के पास पहुंचे। यहां एक दुकान के सामने खड़े किशोर पर सीधा फायर झोंक दिया गया। गोली सीधे किशोर के बाएं कूल्हे में जा घुसी। खून से लथपथ होकर वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़ा।
गोली की तेज आवाज से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लहराते हुए वहां से भाग निकले। हमला करने वाले आरोपी भी उम्र में नाबालिग ही बताए जा रहे हैं।
खून से सने किशोर को देखकर परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए उसे तुरंत रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देकर उसकी हालत को बेहद नाजुक घोषित कर दिया। बेहतर इलाज के लिए उसे तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
यह पूरी वारदात पुलिस की जमीनी मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना स्थल और सिविल लाइंस कोतवाली के बीच की दूरी महज डेढ़ किलोमीटर है। शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी घटना हो जाना बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था की स्थिति बयान करता है।
पुलिस महकमे में गोलीकांड की सूचना पहुंचते ही अधिकारी हरकत में आ गए। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
अस्पताल में मौजूद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही के सीधे आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गोली चलाने वालों के साथ पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों के बीच यह पुरानी रंजिश लगातार गहरी होती जा रही थी।
परिजनों ने इस विवाद को लेकर पहले ही पुलिस से लिखित शिकायत की थी। थाने में दी गई उस अर्जी पर पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। परिवार का साफ मानना है कि पुलिस समय रहते सख्ती दिखाती तो बहन से छेड़छाड़ और बुधवार का यह गोलीकांड आसानी से टाला जा सकता था।
मोहनपुरा में यह तनाव रातों-रात नहीं पनपा है। स्थानीय निवासियों ने मंगलवार 11 अगस्त 2026 की रात भी इलाके में गोलियां चलने की आवाज सुनी थी। उस वक्त भी क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल बन गया था।
बुधवार रात हुई इस दूसरी फायरिंग ने पुरानी रंजिश की आग को पूरी तरह भड़का दिया है। पूरा इलाका इस वक्त पुलिस छावनी में तब्दील हो चुका है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच लोग प्रशासन से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।









