दून हॉराइज़न, चमोली (14 अगस्त 2026): ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तोता घाटी के पास बड़ा हादसा पेश आया है। भारी बारिश के बीच गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के काफिले में चल रही मुख्य गाड़ी पर अचानक पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर टूटकर गिर गया। चट्टान के सीधे वाहन से टकराने के चलते गाड़ी का बायां अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत यह रही कि इस जोरदार टक्कर में वाहन में सवार सांसद अनिल बलूनी और अन्य सहयोगी पूरी तरह सुरक्षित बच गए।
पहाड़ी से बोल्डर गिरते ही मौके पर अचानक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफिले में पीछे चल रहे सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय प्रशासनिक अमले ने तत्काल स्थिति को संभाला। चट्टान के प्रहार से गाड़ी के बोनट और बाईं तरफ की बॉडी को भारी नुकसान पहुंचा।
गाड़ी क्षतिग्रस्त होने के तुरंत बाद वाहन को श्रीनगर गढ़वाल स्थित वर्कशॉप पहुंचाया गया। वहां तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से की आवश्यक मरम्मत की। सांसद अनिल बलूनी ने स्पष्ट किया कि बदरी-केदार की कृपा से सभी लोग सुरक्षित हैं और वाहन ठीक होते ही वे प्रभावित परिवारों से मिलने के लिए तुरंत पीपलकोटी रवाना हो रहे हैं।
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल में हुए भीषण जलभराव और भूधंसाव हादसे का ग्राउंड जीरो पर मुआयना करने जा रहे थे। 13 अगस्त 2026 की शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल के भीतर भारी भूधंसाव हुआ था।
टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर है, जिसके लगभग 1.50 किलोमीटर के हिस्से में भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया था। शिफ्ट के दौरान अंदर काम कर रहे 22 श्रमिक अचानक अंदर ही फंस गए थे। राज्य आपदा परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक रेस्क्यू टीम ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए 12 घायल श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस भीषण टनल हादसे में अब तक 7 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। टनल के भीतर फंसे बाकी 3 लापता श्रमिकों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की विशेष टीमें भारी मलबे के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। अंदर मोर्चा संभाल रहे 6 बचावकर्मी भी पूरी तरह सुरक्षित हैं और मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।









