---Advertisement---

देहरादून में 15 सितंबर से चलेगा गड्ढामुक्ति अभियान, 30 अक्टूबर तक सुधरेंगी जिले की सभी सड़कें

---Advertisement---

दून हॉराइज़न, देहरादून (01 सितंबर): मानसून की विदाई की आहट के साथ ही राजधानी देहरादून के बाशिंदों को जर्जर सड़कों के हिचकोलों और अंधेरे से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

यह भी पढ़ें : प्रेमनगर में एडमिशन दिलाने आए परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, उफनते नाले में बही कार; 2 की गई जान

मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने लोक निर्माण विभाग (PWD) समेत सभी कार्यदायी एजेंसियों को साफ अल्टीमेटम थमा दिया है। 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क का काम युद्धस्तर पर छेड़ा जाएगा। हर हाल में 30 अक्टूबर 2026 तक शहर की मुख्य धमनियों से लेकर संपर्क मार्गों को चाक-चौबंद करना होगा।

सर्वे पूरा, टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

बरसात के थपेड़ों से छलनी हुई सड़कों का प्राथमिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। अब विभिन्न खंडों में पैचवर्क और डामरीकरण के लिए टेंडर आवंटित किए जा रहे हैं। ताकि 15 सितंबर को मानसून की आधिकारिक समाप्ति होते ही बिना किसी हीलाहवाली के डामर बिछाने का काम शुरू हो सके।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य की गुणवत्ता और गति में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि तय समयसीमा में सड़कें दुरुस्त नहीं हुईं, तो संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय होगी।

40 टीमें संभाल रहीं प्रकाश व्यवस्था, प्रमुख चौराहों पर मरम्मत

यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ अंधेरे से निपटने के लिए नगर निगम देहरादून ने भी कमर कस ली है। शहर के 100 वार्डों में फैली कुल 1,14,171 स्ट्रीट लाइटों (Street Lights) में से वर्तमान में 169 प्वाइंट्स पर खराबी दर्ज की गई थी। इन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 40 विशेष फील्ड टीमें तैनात की गई हैं।

मंगलवार को इन टीमों ने मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, शिमला बाईपास (कमला पैलेस मार्ग), हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड, रेसकोर्स और फव्वारा चौक-नेहरू कॉलोनी जैसे व्यस्त इलाकों में तकनीकी खामियों को दूर कर लाइटें चालू कीं।

गूगल लोकेशन और रियल-टाइम फोटो से अफसरों की नाइट मॉनिटरिंग

कागजी दावों से इतर जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासन ने एक अनोखा मॉडल लागू किया है। 20-20 जिला स्तरीय अधिकारियों की अलग-अलग टास्क फोर्स गठित की गई हैं, जो रात के अंधेरे में शहर के विभिन्न हिस्सों का औचक निरीक्षण कर रही हैं।

ये अधिकारी सिर्फ सड़कों और लाइटों का ही नहीं, बल्कि गार्बेज प्वाइंट, खाद्य सुरक्षा और बिजली चोरी पर भी नजर रख रहे हैं। निरीक्षण के दौरान खामी मिलते ही संबंधित स्थल की जियो-टैग्ड गूगल लोकेशन और लाइव फोटो सीधे नोडल अफसरों को भेजी जा रही है, ताकि अगली सुबह संबंधित महकमा उस पर फौरन एक्शन ले सके।

यह भी पढ़ें : दून में आफत की बारिश! अगले 48 घंटे बेहद भारी, जाने मौसम विभाग का बड़ा अपडेट?

आगामी त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के सुगम संचालन को देखते हुए यह दोहरी रणनीति शहर के बुनियादी ढांचे को समय पर पटरी पर लाने में मददगार साबित होगी।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment