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Khatima Golikand : आंदोलनकारियों के आश्रितों को 10% आरक्षण और बढ़ी पेंशन, खटीमा में बोले मुख्यमंत्री

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दून हॉराइज़न, खटीमा (01 सितंबर): उत्तराखंड राज्य निर्माण के इतिहास में 1 सितंबर का दिन आंसुओं और अदम्य साहस की स्याही से लिखा गया है। मंगलवार को खटीमा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1994 के ऐतिहासिक गोलीकांड में प्राण न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को नमन करते हुए उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित किया। इस दौरान उन्होंने शहीद आंदोलनकारियों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया।

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शहादत की जमीन से उठी थी पृथक राज्य की अलख

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा की पावन भूमि उत्तराखंड राज्य आंदोलन की वास्तविक जननी और तपोभूमि है। 1 सितंबर 1994 को पुलिस की बर्बर गोलीबारी में भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह ने अपनी जान गंवाई थी। उस घटना के ठीक अगले दिन मसूरी और फिर 2 अक्टूबर को रामपुर तिराहा कांड हुआ। यह राज्य किसी समझौते से नहीं, बल्कि इन सपूतों के बहे लहू से अस्तित्व में आया है।

आंदोलनकारियों के लिए पेंशन और 10% आरक्षण की व्यवस्था

शहीदों के सपनों का प्रदेश बनाने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों के कल्याण के प्रति सजग है। ‘उत्तराखंड राज्य आंदोलन के चिन्हित आंदोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण अधिनियम, 2023’ (Horizontal Reservation) के जरिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया गया है।

वित्तीय सहायता का विवरण देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया:

  • शहीद आश्रित व सक्रिय आंदोलनकारी पेंशन: ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,500 प्रति माह।
  • घायल एवं जेल गए आंदोलनकारी: ₹7,000 प्रति माह।
  • परिवहन सुविधा: रोडवेज की सरकारी बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा हेतु डिजिटल पहचान पत्र।

महिला शक्ति और राज्य के कड़े कानून

आंदोलन में मातृशक्ति की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए सीएम ने बताया कि प्रदेश की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। देवभूमि की अस्मिता और कानून व्यवस्था पर बात करते हुए उन्होंने सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को रेखांकित किया।

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समारोह में सांसद अजय भट्ट, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी और नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा समेत कुमाऊं मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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