दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): उत्तराखंड में मौसम के करवट लेते ही संक्रामक और मौसमी बीमारियों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं, जहां स्वाइन फ्लू (Swine Flu Cases) का ग्राफ अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में ही संक्रमण के 25 ताजा मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें अकेले देहरादून जनपद से 11 और अन्य पर्वतीय व मैदानी जिलों से 14 मरीज शामिल हैं।
राज्य में अब तक कुल संक्रमितों का आंकड़ा 408 दर्ज किया जा चुका है। राहत की बात यह है कि 324 लोग इस बीमारी को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन 82 एक्टिव मरीजों का उपचार अभी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। संक्रमण के चलते अब तक 2 मरीजों की जान भी जा चुकी है।
उम्र और लिंग के आंकड़ों में चौंकाने वाला ट्रेंड
स्वास्थ्य महकमे की एनालिसिस रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार संक्रमण की मार महिलाओं की तुलना में पुरुषों पर ज्यादा देखी जा रही है। कुल 408 मरीजों में से 224 पुरुष और 184 महिलाएं संक्रमित पाई गई हैं। आयु वर्ग के लिहाज से देखें तो वायरस सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।
आंकड़ों के अनुसार 1 से 10 वर्ष तक के 66 बच्चे और 61 से 70 वर्ष के 70 बुजुर्ग वायरस की जद में हैं। इसके अलावा 51 से 60 वर्ष आयु के 67 मरीज, 41 से 50 वर्ष के 44, 71 से 80 वर्ष के 42, 21 से 30 वर्ष के 41, 31 से 40 वर्ष के 34, 11 से 20 वर्ष के 31 और 81 से 90 वर्ष के 13 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह वायरस बेहद घातक साबित हो रहा है।
डेंगू और कोरोना का भी बढ़ा दायरा, देहरादून बना हॉटस्पॉट
चिंता सिर्फ इनफ्लुएंजा तक सीमित नहीं है, डेंगू और कोविड (Covid-19) के आंकड़ों में भी इजाफा दर्ज हुआ है। स्वास्थ्य विभाग अब तक स्वाइन फ्लू के 1017 संदिग्ध सैंपलों की जांच कर चुका है, जिनमें से 269 पॉजिटिव केवल देहरादून में और 139 बाकी जिलों में मिले हैं।
वहीं डेंगू की बात करें तो 27,839 सैंपलों की स्क्रीनिंग के बाद 150 मरीजों में संक्रमण की तस्दीक हुई है। इनमें 75 केस देहरादून और 75 केस अन्य जिलों के हैं। डेंगू के 128 मरीज ठीक हो चुके हैं और 22 उपचाराधीन हैं। कोविड संक्रमण की जांच के लिए लिए गए 531 सैंपलों में से 46 पॉजिटिव पाए गए, जिनमें 20 मरीज देहरादून और 26 अन्य जिलों से हैं। स्पष्ट है कि राजधानी देहरादून मौसमी बीमारियों का मुख्य केंद्र बनी हुई है।
अस्पतालों में सघन निगरानी और बचाव की गाइडलाइन
हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज शर्मा ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को अस्पतालों में आने वाले फ्लू और बुखार के संदिग्ध मरीजों की तत्काल स्क्रीनिंग और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि लक्षणों में लापरवाही न बरतें।
अचानक तेज बुखार, सूखी या बलगम वाली खांसी, गले में खराश, सांस फूलना और बदन दर्द जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। भीड़भाड़ में मास्क पहनने, हाथों की नियमित सफाई और लक्षण दिखने पर खुद को आइसोलेट करने की हिदायत दी गई है। सरकारी व निजी अस्पतालों को फ्लू ओपीडी में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है ताकि स्थिति बेकाबू न हो।









