---Advertisement---

नीम करौली बाबा के आश्रमों को जोड़ेगी धामी सरकार, उत्तराखंड से यूपी तक बनेगा भव्य दर्शन सर्किट

---Advertisement---

दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): विश्वभर में विख्यात नीम करौली बाबा के अनुयायियों के लिए उत्तराखंड सरकार एक महत्वाकांक्षी आध्यात्मिक कॉरिडोर तैयार करने जा रही है।

सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने घोषणा की है कि बाबा की साधना स्थली और आश्रमों को आपस में जोड़ते हुए एक विशेष ‘नीम करौली बाबा दर्शन सर्किट’ (Neem Karoli Baba Darshan Circuit) विकसित किया जाएगा। यह आध्यात्मिक गलियारा केवल उत्तराखंड की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के महत्वपूर्ण पड़ावों को भी शामिल किया जाएगा।

‘हनुमान अंश’ की ऐतिहासिक कमाई ने खींचा ध्यान

दरअसल, हाल ही में नीम करौली बाबा के जीवन चरित्र पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर असाधारण सफलता दर्ज की है। महज 2 करोड़ रुपये की लागत में तैयार इस फिल्म ने रिलीज के 33 दिनों के भीतर 170 करोड़ रुपये का कारोबार कर फिल्म इंडस्ट्री और प्रशासन दोनों को चौंका दिया।

फिल्म के बाद से ही कैंची धाम में देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर वीकेंड्स के दौरान लगने वाले भीषण जाम और दबाव को देखते हुए सरकार अब अन्य साधना स्थलों का बुनियादी ढांचा सुधारकर भीड़ को संतुलित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

कुमाऊं से गढ़वाल तक जुड़ेंगे ये अहम पड़ाव

उत्तराखंड के भीतर इस सर्किट का केंद्र भवाली मार्ग पर स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) होगा, जहां हर साल 15 जून के स्थापना दिवस मेले में लाखों लोग पहुंचते हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा जिले की सीमा पर कोसी नदी किनारे स्थित काकड़ी घाट आश्रम को विशेष रूप से संवारा जाएगा। यह वही स्थल है जहां बाबा ने लंबे समय तक कठोर तपस्या की थी और यहां एक प्राचीन शिव मंदिर भी मौजूद है। गढ़वाल क्षेत्र से ऋषिकेश स्थित नीम करौली आश्रम, नैनीताल की ऊंची पहाड़ी पर बना हनुमान गढ़ी मंदिर और भवाली के पास स्थित भूमियाधार आश्रम भी इस सर्किट का हिस्सा बनेंगे।

वृंदावन समाधि स्थल और यूपी के आश्रमों का समन्वय

यह दर्शन मार्ग उत्तर प्रदेश से समन्वय के बिना अधूरा रहेगा। पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि नीम करौली बाबा ने साल 1973 में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित पावन तीर्थ वृंदावन में महासमाधि ली थी। वृंदावन स्थित बाबा का समाधि मंदिर और आश्रम श्रद्धालुओं की आस्था का बहुत बड़ा केंद्र है।

इसके साथ ही लखनऊ का प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर, कानपुर का पनकी क्षेत्र और बाबा की जन्मस्थली फिरोजाबाद का अकबरपुर भी इस आध्यात्मिक कड़ी से जोड़े जाएंगे। उत्तराखंड सरकार ने इस बाबत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से औपचारिक सहयोग का अनुरोध किया है, ताकि अंतरराज्यीय स्तर पर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, साइनेज और तीर्थयात्री सुविधाओं का एक साझा नेटवर्क खड़ा किया जा सके।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment