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UKSSSC घोटाले में ED के छापे से गरमाई सियासत, भाजपा ने हरीश रावत पर साधा सीधा निशाना

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दून हॉराइज़न, देहरादून (12 सितंबर): उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC Recruitment Scam) से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता के बाद प्रदेश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव के ठिकानों पर नकदी बरामदगी और जांच की खबरों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी खेमे पर चौतरफा हमला बोला है।

धर्मपुर से भाजपा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने मोर्चा संभालते हुए स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई से अब पुरानी भर्तियों में हुए कथित घालमेल के तार शीर्ष स्तर तक पहुंच रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा अपने पद या सक्रिय भूमिका से अलग होने व इस्तीफे की पेशकश पर तंज कसते हुए चमोली ने इसे महज़ “सहानुभूति बटोरने की चाल” करार दिया। उनके मुताबिक कांग्रेस संगठन के भीतर लंबे समय से उपेक्षा झेल रहे पूर्व मुख्यमंत्री अब केंद्रीय आलाकमान पर दबाव बनाने के लिए यह सियासी दांव चल रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि जब वरिष्ठ नेता अस्वस्थ चल रहे थे, तब भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी सुध नहीं ली और अब जांच का दायरा करीब आते ही ध्यान भटकाने के लिए इस्तीफे की बात उछाली जा रही है।

कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए सत्तापक्ष ने कहा कि जब युवाओं के हक पर डाका डाला गया हो, तो जांच किसी चुनावी कैलेंडर की मोहताज नहीं हो सकती। चमोली ने कहा कि जो लोग जांच के वक्त पर उंगली उठा रहे हैं, वे परोक्ष रूप से मान रहे हैं कि गड़बड़ी हुई थी।

उन्होंने पिछली सरकारों के दौर का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय दरोगा भर्ती, पटवारी, बीडीओ, पशुपालन और सिडकुल से जुड़े प्रकरणों में नियुक्तियों का तंत्र नियमों के बजाय मनमाने ढर्रे पर चलता रहा।

वहीं पुष्कर सिंह धामी सरकार की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि राज्य में लागू किए गए कठोर नकल विरोधी कानून (Anti-Copying Law) के बाद भर्ती प्रक्रियाओं में ऐतिहासिक पारदर्शिता आई है।

उनके अनुसार वर्तमान व्यवस्था में अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के नौकरियां दी जा चुकी हैं, जबकि पेपर लीक और नकल गिरोह के दर्जनों मुख्य आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। उन्होंने दोहराया कि जांच एजेंसियों की यह पड़ताल किसी दबाव में नहीं रुकेगी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले हर व्यक्ति का कानूनी हिसाब तय किया जाएगा।

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