दून हॉराइज़न, देहरादून (18 सितंबर): उत्तराखंड में बहुचर्चित अंकिता भंडारी की चौथी बरसी के अवसर पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की और महिला सुरक्षा तथा अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को दोहराया।
प्रदेश प्रवक्ता अनुकृति गुसाईं ने इस दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील और गंभीर मामलों में राजनीतिक रोटियां सेकने से बचा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मजबूत पैरवी और पुख्ता कानूनी कार्रवाई का ही नतीजा है कि आज अंकिता के हत्यारे सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहे हैं।
मजबूत कानूनी कार्रवाई और अदालत का फैसला
पार्टी की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, घटना सामने आने के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस और प्रशासन ने चौबीس घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया था, जिसने करीब 500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट अदालत में पेश की।
इस चार्जशीट में लगभग 100 गवाहों के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों को शामिल किया गया था, जिससे आरोपियों की जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज हुईं और वे लगातार जेल के भीतर रहे। अभियोजन पक्ष की मुस्तैदी और प्रभावी पैरवी के चलते अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसे न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
पीड़ित परिवार को संबल और प्रशासनिक सहयोग
सरकार ने शुरुआत से ही अंकिता के माता-पिता की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। परिजनों की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए और उनकी संतुष्टि के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा, परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश भी जारी किए थे।
परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए 25 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई, साथ ही दिवंगत अंकिता के पिता और भाई को नौकरी देकर सरकार ने उनके साथ खड़े होने का वादा निभाया।
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे ‘वीआईपी’ के नाम पर भ्रम फैलाने के दावों को खारिज करते हुए भाजपा ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण था, तो उसे जांच एजेंसियों के समक्ष पेश किया जाना चाहिए था।
केवल अदालत के बाहर बयानबाजी करना और जनता को भ्रमित करना देवभूमि की बेटी के साथ अन्याय और घृणित राजनीति है। पार्टी का मानना है कि उत्तराखंड की देवतुल्य जनता इस तरह की नकारात्मक और अवसरवादी राजनीति का करारा जवाब आगामी चुनावों में देगी।









