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क्या अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गई टेंडर शर्तें? उत्तराखंड में बिजली खरीद अनुबंध पर विपक्ष हमलावर

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दून हॉराइज़न, देहरादून (18 सितंबर): उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक सरगर्मी के बीच ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ा एक बड़ा मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य में प्रस्तावित एक बड़ी ताप विद्युत परियोजना को लेकर धामी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि एक बड़े उद्योगपति को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बड़े पैमाने पर फेरबदल किए गए हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राजधानी दिल्ली स्थित मुख्य कार्यालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे अनुबंध पर कई तीखी आपत्तियां दर्ज कराईं। राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के दो अहम उपक्रमों की संयुक्त योजना को अचानक रास्ते से हटाकर निजी हाथों को प्राथमिकता दी गई। इस बदलाव के दूरगामी और गंभीर परिणाम राज्य की जनता को भुगतने होंगे।

निविदा शर्तों में बदलाव और वित्तीय बोझ के आरोप

विपक्ष का मुख्य आरोप है कि केंद्र सरकार से शुरुआती मंजूरी मिलने के बावजूद मूल प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद उत्तराखंड विद्युत निगम लिमिटेड की ओर से जो नई निविदा प्रक्रिया शुरू की गई, उसमें केंद्रीय बिजली मंत्रालय के मानक दस्तावेजों से बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। दावों के मुताबिक, कुल 86 शर्तों में से 84 नियमों में बदलाव किए गए ताकि एक खास बिडर को फायदा मिल सके।

इन बदलावों में परियोजना को उत्तराखंड के बजाय अन्य राज्य में स्थापित करने की छूट देना और ट्रांसमिशन लागत का वित्तीय भार सरकारी खजाने पर डालना शामिल बताया गया है। इसके अलावा फिक्स चार्ज को बढ़ाकर यह गारंटी भी सुनिश्चित कर दी गई है कि बिजली की खपत हो या न हो, भुगतान लगातार जारी रहेगा।

यशपाल आर्य के आठ सवाल और स्वतंत्र जांच की मांग

इस पूरे घटनाक्रम के बीच उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी सरकार को घेरा है। उन्होंने एक औपचारिक बयान जारी कर सरकार से आठ स्पष्ट सवाल पूछे हैं और पूरी टेंडर प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। विपक्ष का कहना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था के अभाव में आम उपभोक्ताओं के हितों पर सीधा कुठारघात हो रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग दोहराई है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके।

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