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पिथौरागढ़ में दर्दनाक हादसा: मैदान में फौजी के बेटे की मौत, गम में मां ने सरयू नदी में कूदकर दी जान

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दून हॉराइज़न, पिथौरागढ़ (20 सितंबर) : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के वड्डा क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां खेल मैदान में शारीरिक अभ्यास कर रहे असम राइफल्स जवान के 15 वर्षीय बेटे की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस असहनीय आघात को मां बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने अस्पताल से सीधे घाट पहुंचकर सरयू नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। कुछ ही घंटों के भीतर घटित इस दोहरे हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।

मैदान में गश खाकर गिरा किशोर, अस्पताल में मृत घोषित

मड़ेगांव वड्डा निवासी कैलाश चंद्र जोशी, जो असम राइफल्स (Assam Rifles) में सेवारत हैं, उनका 15 वर्षीय बेटा जतिन जोशी शनिवार सुबह करीब छह बजे रोजमर्रा की तरह शारीरिक अभ्यास के लिए झौलखेत मैदान गया था। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाला जतिन मैदान में दौड़ लगा रहा था कि अचानक चक्कर आने से वह जमीन पर गिर पड़ा।

आसपास मौजूद लोगों की सूचना पर बदहवास मां पूनम उर्फ पुष्पा जोशी मौके पर पहुंचीं और स्थानीय लोगों की मदद से उसे करीब आठ बजे जिला अस्पताल पहुंचाया गया। आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी पर तैनात डॉ. राहुल प्रधान ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद किशोर को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी नब्ज थम चुकी थी।

पार्थिव शरीर पर चुन्नी ओढ़ाई और सीधे 30 किमी दूर घाट पहुंच गईं

बेटे की असमय मौत की खबर सुनते ही मां पूनम गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के मुताबिक वह स्तब्ध थीं और कुछ देर तक पूरी तरह मौन रहीं। इसके बाद उन्होंने बेटे के शव पर अपनी चुन्नी ओढ़ाई और बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप अस्पताल परिसर से बाहर निकल गईं। वह देव सिंह मैदान के पास पहुंचीं और वहां से गंगोलीहाट रूट पर चलने वाली एक यूटिलिटी टैक्सी में सवार हो गईं। करीब 30 किलोमीटर दूर घाट पुल पार करते ही उन्होंने एक दुकान के पास वाहन रुकवाया। गाड़ी रुकते ही वह तेजी से नीचे उतरीं और पुराने पुल की रेलिंग से सीधे उफनती सरयू नदी में छलांग लगा दी।

यात्रियों ने निकाला बाहर, फौजी पिता पर टूटा दुखों का पहाड़

वाहन में मौजूद अन्य सवारियों और आसपास के स्थानीय दुकानदारों ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए नदी में उतरकर महिला को बाहर निकाला। हालांकि सिर और शरीर में गंभीर चोट आने और डूबने की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कोतवाल ललित मोहन जोशी ने बताया कि घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह परिवार पहले से ही भारी दुखों का सामना कर रहा था। परिजनों के अनुसार, पूनम ने कोरोना महामारी के दौरान अपनी एक बेटी को बीमारी की वजह से खो दिया था। परिवार में अब पति कैलाश चंद्र जोशी सेना में दूर तैनात हैं, जबकि दूसरी बेटी दिल्ली में निजी नौकरी करती है। कुछ ही वर्षों के अंतराल में एक बेटी, अब इकलौते बेटे और फिर पत्नी को खोने से जवान के घर में कोहराम मचा हुआ है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जतिन को बचपन से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (PMS) डॉ. डीपी सिंह के अनुसार किशोर का पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी विस्तृत विसरा व ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद ही हृदय गति रुकने अथवा अन्य मेडिकल कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

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