---Advertisement---

बदरीनाथ पहुंचे सीएम धामी, सीमांत क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश

---Advertisement---

दून हॉराइज़न, बदरीनाथ/देहरादून (20 सितंबर) : भारत-तिब्बत सीमा से सटे बदरीनाथ धाम के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में भारतीय सेना और चमोली जिला प्रशासन का साझा सांस्कृतिक प्रयास रविवार को पूरा हुआ। दो दिवसीय ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026’ के समापन सत्र में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, विरासत और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लेकर अहम दिशा-निर्देश सामने रखे। यह आयोजन सेना के ऑपरेशन सद्भावना (Operation Sadbhavana) के तहत ‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ विषय पर केंद्रित था।

समापन समारोह से पहले मुख्यमंत्री पास के बामणी गांव पहुंचे। वहां नंदा अष्टमी के अवसर पर आयोजित पारंपरिक पूजा-अर्चना और लोक उत्सव में ग्रामीणों के साथ उन्होंने समय बिताया। मुख्यमंत्री का कहना था कि नई पीढ़ी को अपनी बोली-भाषा और लोक संस्कारों से जोड़े बिना विकास की राह अधूरी रहेगी।

सेना-नागरिक समन्वय और अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन

महोत्सव परिसर में भारतीय सेना की ओर से लगाई गई हथियारों और आधुनिक रक्षा उपकरणों की प्रदर्शनी स्थानीय युवाओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। सेना के अधिकारियों से उपकरणों की तकनीकी बारीकियों की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से सीमांत युवाओं में देश सेवा और वर्दी पहनने का जज्बा पैदा होता है।

चमोली जैसे सीमांत जनपद में सेना और नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल रणनीतिक और सामाजिक दोनों नजरियों से बेहद अहम माना जाता है। सेंट्रल कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता और उत्तर भारत एरिया के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डी.जी. मिश्रा की मौजूदगी में सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

आजीविका का जरिया बनेंगे स्थानीय उत्पाद

टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (SHG) के पहाड़ी अनाज, हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान के स्टॉल लगाए गए थे। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए महिला उद्यमियों से सीधी बात की।

“तीर्थाटन और पर्यटन से जब स्थानीय उत्पाद जुड़ते हैं, तो सीमांत क्षेत्रों में स्वरोजगार के सीधे रास्ते खुलते हैं।” — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक 3.10 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में दर्ज हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बदरीनाथ जैसे अंतरराष्ट्रीय तीर्थस्थल पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री से दूरदराज के गांवों की महिलाओं की आय में स्थायी इजाफा हो रहा है।

वाइब्रेंट विलेज और विंटर टूरिज्म पर फोकस

केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Village Programme) के जरिए माणा, नीति और उत्तरकाशी के जादुंग जैसे अग्रिम सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को चाक-चौबंद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सीमांत से रिवर्स पलायन तभी संभव होगा जब बिजली, सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ युवाओं को उनके अपने घर पर रोजगार मिले।

इसके लिए होमस्टे, एप्पल मिशन, सुगंधित पौधों (एरोमैटिक प्लांट्स) की खेती के अलावा शीतकालीन पर्यटन और ‘वेडिंग इन उत्तराखंड’ को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बदरीनाथ मास्टर प्लान के काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे आगामी यात्रा सत्रों में तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment