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देहरादून-दिल्ली हाईवे के मोहब्बेवाला में हादसों पर सख्त प्रशासन, DM और SSP ने खुद संभाला मोर्चा

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दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित मोहब्बेवाला के पास लगातार हो रहे जानलेवा हादसों ने जिला प्रशासन के कान खड़े कर दिए हैं। रविवार, 20 सितंबर को इसी इलाके में हुए एक भीषण हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए सोमवार को देहरादून के जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) भारी अमले के साथ सीधे ग्राउंड जीरो पर उतरे।

दोनों शीर्ष अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और माना कि तेज रफ्तार के साथ-साथ सड़क इंजीनियरिंग की खामियां भी इन हादसों की बड़ी वजह बन रही हैं।

ब्लैक स्पॉट और तकनीकी खामियों की होगी जांच

सड़क सुरक्षा को लेकर मौके पर ही बुलाई गई इस आपात समीक्षा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और परिवहन विभाग (RTO) के अफसरों की जवाबदेही तय की गई। अफसरों ने स्पष्ट किया कि केवल चालान काटने से काम नहीं चलेगा। पूरे मोहब्बेवाला खिंचाव (Road Engineering) का तकनीकी ऑडिट होगा, ताकि यह देखा जा सके कि सड़कों का ढलान, मोड़ या विजिबिलिटी में कोई कमी तो नहीं है। ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में चलने वाले वाहनों की पहचान के लिए विशेष सर्विलांस सिस्टम की योजना मांगी गई है।

रंबल स्ट्राइप्स और साइन बोर्ड लगाने का तत्काल निर्देश

हादसों को फौरी तौर पर रोकने के लिए अधिकारियों ने दो टूक निर्देश दिए कि सड़क पर तुरंत रंबल स्ट्राइप्स (Rumble Strips) बनाए जाएं, जिससे तेज गति से आ रहे वाहनों को गति कम करने पर मजबूर होना पड़े। इसके अलावा दूर से नजर आने वाले बड़े चेतावनी साइन बोर्ड्स लगाने के आदेश दिए गए, ताकि बाहरी राज्यों से आ रहे चालकों को आगे मौजूद जंक्शन या संवेदनशील मोड़ का पहले ही अंदाजा हो सके।

मौके पर मौजूद एसपी सिटी को निर्देश दिए गए कि पीक आवर्स के दौरान इस स्ट्रेच पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की सीधी तैनाती सुनिश्चित की जाए।

इस संयुक्त मुआयने में प्रशासन, एनएचएआई, आरटीओ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें निर्देशित कार्ययोजना को कागजों से निकालकर धरातल पर जल्द से जल्द उतारने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है।

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