दून हॉराइज़न, देहरादून (24 सितंबर) : राजधानी के पॉश माने जाने वाले सहस्रधारा रोड पर बुधवार सुबह दिनदहाड़े एक महिला के किडनैपिंग की कोशिश (Kidnapping Attempt) से हड़कंप मच गया।
कानन कुंज इलाके में बिना नंबर प्लेट की काली कार से आए दो नकाबपोश बदमाशों ने स्कूटी सवार महिला को जबरन खींचने की कोशिश की, मगर उनका पाला नगर निगम की तीन जांबाज महिला सफाई कर्मचारियों से पड़ गया। अनिता, सविता और माया ने बिना एक पल गंवाए अपने झाड़ू के डंडों से हमलावरों की ऐसी धुनाई की कि बदमाश पीड़िता को छोड़कर गाड़ी समेत भाग खड़े हुए।
नालापानी चौक से लौटते वक्त घेराबंदी
मेला राम कॉलोनी निवासी 45 वर्षीय सुषमा वर्मा अपनी 19 साल की बेटी को कॉलेज के लिए नालापानी चौक छोड़कर स्कूटी से वापस घर की ओर लौट रही थीं। घड़ी में सुबह के करीब 6:40 बजे थे। कानन कुंज वाली गली के मुहाने पर पहुंचते ही पीछे से तेजी से आई एक बिना नंबर प्लेट वाली पुरानी सेडान कार ने उनका रास्ता रोक लिया।
गाड़ी रुकते ही दो नकाबपोश लड़के बाहर निकले और सुषमा का हाथ पकड़कर उन्हें जबरन पिछली सीट पर ठूंसने लगे। पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर चंद कदमों की दूरी पर सड़क साफ कर रहीं नगर निगम की महिला कर्मचारी तुरंत हरकत में आ गईं। तीनों ने रौद्र रूप धारण करते हुए बदमाशों पर सीधे झाड़ू के डंडों से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।
अचानक हुए इस जवाबी हमले से बदमाश पूरी तरह हक्के-बक्के रह गए। खुद को घिरता देख वे महिला को सड़क पर ही पटककर कार में सवार हुए और एक्सीलेटर दबाकर भाग निकले।
कुछ ही देर में सफाई सुपरवाइजर तेजपाल सिंह मौके पर पहुंचे, जिन्होंने रायपुर थाना पुलिस को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
पुलिस जांच में उत्तरकाशी और पारिवारिक रंजिश का एंगल
वारदात की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस एक्टिव हो गई। थाना प्रभारी संजीत कुमार ने खुद घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि पीड़िता पहले डेयरी चलाती थीं, मगर करीब एक माह पूर्व काम बंद होने के बाद वह एक स्थानीय स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़कर परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं।
अहम बात यह है कि सुषमा का अपने पति राहुल वर्मा से लंबे समय से गंभीर पारिवारिक विवाद चल रहा है। उनके पति राहुल इस समय उत्तरकाशी में रहते हैं। चूंकि पीड़िता ने साफ किया है कि वह कार सवार नकाबपोश लड़कों को नहीं पहचानती, इसलिए पुलिस इस थ्योरी पर भी गंभीरता से काम कर रही है कि कहीं इस वारदात की पटकथा पारिवारिक कलह के चलते तो नहीं लिखी गई। क्या सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाने की कोशिश की गई? रायपुर पुलिस ने इस बिंदु पर उत्तरकाशी से भी संपर्क साधा है।
सहस्रधारा कट से लाडपुर तक CCTV की घेराबंदी
वारदात के बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने सहस्रधारा क्रॉसिंग, आईटी पार्क रोड और आसपास के सभी कमर्शियल प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
फुटेज में संदिग्ध काली कार सहस्रधारा क्रॉसिंग की तरफ से कानन कुंज कट में दाखिल होती और वारदात के फौरन बाद उसी कट से मुड़कर लाडपुर रोड की तरफ तेजी से भागती नजर आई है। लाडपुर और रायपुर की तरफ जाने वाले संकरे रास्तों पर अक्सर सुबह के वक्त आउटर रिंग रोड जैसा ट्रैफिक रहता है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी निकल भागे। पुलिस ने जिले के सभी एग्जिट प्वाइंट्स और रिंग रोड पर बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध कारों की चेकिंग के लिए वायरलेस मैसेज फ्लैश कर दिया है।









