दून हॉराइज़न, देहरादून (24 सितम्बर) : राज्य के सुदूर सीमांत इलाकों से लेकर मैदानी कस्बों तक नागरिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी को पुख्ता करने के लिए शासन ने बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर में पेयजल, सौर ऊर्जा, सड़क निर्माण, पार्किंग और प्रशासनिक सुरक्षा से जुड़ी दर्जनों परियोजनाओं के लिए ₹39.87 करोड़ की वित्तीय मंजूरी (Financial Sanction) पर अंतिम मुहर लगा दी है। शासन का मुख्य जोर उन ढांचागत कार्यों पर है, जहां तकनीकी प्रगति या तो अटकी थी या फिर फंड की कमी के चलते काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था।
सीमांत पर्यटन और नंदा राजजात पड़ाव पर फोकस
चमोली जिले में देवाल ब्लॉक स्थित वाण गांव सामरिक और सांस्कृतिक दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार ने यहां निर्माणाधीन हेलीपैड के अवशेष कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के लिए ₹1.88 करोड़ अवमुक्त करने की मंजूरी दी है। यही इलाका प्रसिद्ध नंदा देवी राजजात यात्रा का मुख्य बेस कैंप और अहम पड़ाव भी है।
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद को देखते हुए वाण हेलीपैड के पास सरफेस पार्किंग और सार्वजनिक शौचालय के लिए ₹1.36 करोड़ तय किए गए हैं। इसके अलावा मुन्दोली के डनाला तोक में ₹40.22 लाख और सुराई तोक में ₹30 लाख की लागत से अस्थायी वाहन पार्किंग तैयार होगी, जिससे ट्रैकर्स और पर्यटकों को जाम से राहत मिलेगी।
वहीं पिथौरागढ़ के सीमांत धारचूला कस्बे में भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली काली नदी के किनारे ₹6.00 करोड़ की लागत से पैदल सैरगाह (Riverfront Development) बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग की विशेष परियोजना खंड इस काम को जमीन पर उतारेगी। इसके साथ ही डीडीहाट के किरौली स्कूल से जैतबुगा तक सीमेंट कंक्रीट (सीसी) मार्ग निर्माण के लिए ₹74.44 लाख और कनालीछीना के भौतली गांव में आंतरिक सीसी मार्ग के लिए ₹80 लाख मंजूर किए गए हैं।
एसटीपी पर सोलर ग्रिड और आधुनिक जल परीक्षण लैब
हरित ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को ग्रिड-कनेक्टेड सोलर सिस्टम से लैस किया जाएगा। देहरादून जिले के अंतर्गत 26 एमएलडी क्षमता वाले लक्कड़घाट (ऋषिकेश-जगजीतपुर) एसटीपी और 0.05 एमएलडी को-ट्रीटमेंट प्लांट पर सोलर पैनल अधिष्ठापन के लिए ₹4.30 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। टिहरी जिले के चोरपानी (ऋषिकेश) स्थित 5.0 एमएलडी एसटीपी पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए ₹2.15 करोड़ दिए गए हैं।
जनस्वास्थ्य और शुद्ध पेयजल की मॉनिटरिंग के लिए नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में कुमाऊं परिक्षेत्र की अत्याधुनिक राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित होगी, जिसके लिए ₹2.21 करोड़ मंजूर किए गए हैं। देहरादून के वार्ड संख्या 60 स्थित मधुवन एन्क्लेव में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए ₹4.98 करोड़ दिए गए हैं।
संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण और मानसून नुकसान की भरपाई
पहाड़ी जिलों में आवागमन सुगम बनाने के लिए पौड़ी विधानसभा के निसनी लिंक मोटर मार्ग के सुधार कार्य हेतु ₹3.17 करोड़ और चम्पावत के बूढ़ाखेत-अमकड़िया मोटर मार्ग के लिए ₹1.67 करोड़ का प्रावधान किया गया है। टिहरी गढ़वाल के थौलधार ब्लॉक में उप्पू से औलणी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण व सुदृढ़ीकरण के लिए ₹3.25 करोड़ जारी हुए हैं। धर्मनगरी हरिद्वार के भेल रानीपुर क्षेत्र में चार प्रमुख अंदरूनी सड़कों के चौड़ीकरण और डामरीकरण के लिए ₹3.41 करोड़ खर्च होंगे।
अलमोड़ा के जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र स्थित सिद्धेश्वर मंदिर (दन्या) के सौंदर्यीकरण के लिए ₹97.08 लाख मिले हैं। इसके अतिरिक्त पर्वतीय इलाकों में मानसून की बारिश से तहस-नहस हुई सड़कों को तुरंत मोटरेबल बनाने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) से लोक निर्माण विभाग को ₹1.00 करोड़ और ग्राम्य विकास विभाग को ₹50 लाख अग्रिम जारी किए गए हैं। न्यायिक परिसर की सुरक्षा को चाक-चौबंद करते हुए माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन के लिए ₹77.29 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।
तमाम कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत बजट की पहली किस्त जारी होते ही टेंडरिंग प्रक्रिया तत्काल पूरी कर तय समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू कराएं।









