दून हॉराइज़न, हल्द्वानी (25 सितंबर) : कुमाऊं दौरे के तहत हल्द्वानी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय स्तर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) को लेकर जारी घमासान पर विपक्ष के रवैये को सिरे से खारिज किया। राष्ट्रव्यापी स्तर पर विपक्षी दलों द्वारा इस्तीफे की मांग को उन्होंने आधारहीन करार दिया।
दफ्तरों की कार्यप्रणाली समझाई, विपक्ष के रुख पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी संवैधानिक या सरकारी महकमे में काम करने की एक तय प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि जब कोई पत्रावली आगे बढ़ती है, तो विभिन्न स्तरों पर अधिकारी अपने विचार और टिप्पणियां दर्ज करते हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं कि कोई एक टिप्पणी ही अंतिम फैसला बन जाए।
सचिवालय का सीधा उदाहरण सामने रखते हुए धामी बोले-“सचिवालय में भी पत्रावलियों पर कई अधिकारी अपने दृष्टिकोण लिखते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय विस्तृत समीक्षा और सामूहिक सहमति के बाद ही जनहित में लिया जाता है।” उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष इस सामान्य प्रक्रिया को जाने बिना सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ रहा है।
हरीश रावत की तारीफ कर साधे सियासी समीकरण
विवाद पर रुख साफ करने के बाद जब पत्रकारों ने हरिद्वार सीट से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की संभावित चुनावी दावेदारी को लेकर सवाल दागा, तो सीएम धामी ने कड़वाहट के बजाय शालीनता दिखाई। उन्होंने रावत को उत्तराखंड का वरिष्ठ और बेहद सम्मानित नेता बताया।
राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरीश रावत ने अपना पूरा जीवन जनसेवा में लगाया है। धामी ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की सार्वजनिक रूप से प्रार्थना की।









