दून हॉराइज़न, पिथौरागढ़ (26 सितंबर) : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ और चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत ने अचानक करवट बदली है, जिसके चलते 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। व्यास घाटी स्थित पवित्र आदि कैलाश और ओम पर्वत की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं, जबकि निचले इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पहाड़ों पर अचानक बदले इस मौसम के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। नाभीढांग, गुंजी और कुटी जैसे सीमावर्ती गांवों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के अधिकारियों के अनुसार, 14 हजार फीट की ऊंचाई पर बसे नाभीढांग में रुक-रुक कर हिमपात जारी है।
व्यास घाटी में जमी बर्फ, धारचूला में परमिट प्रक्रिया थमी
मौसम के इस अप्रत्याशित मिजाज का सीधा असर आदि कैलाश यात्रा (Adi Kailash Yatra) पर पड़ा है। शुक्रवार शाम से शुरू हुई बारिश और बर्फबारी के बाद धारचूला तहसील प्रशासन ने शनिवार को अग्रिम आदेश तक इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit) जारी करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
उपजिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने स्पष्ट किया कि 20 से 25 सितंबर के बीच कुल 2,783 यात्रियों को परमिट जारी किए गए थे, लेकिन मौजूदा मौसमी जोखिम को देखते हुए यात्रियों को फिलहाल सुरक्षित पड़ावों पर ही रुकने की सलाह दी गई है। धारचूला से लेकर व्यास घाटी तक स्थानीय होमस्टे संचालकों को भी जरूरी एहतियात बरतने और पर्यटकों को अनावश्यक रूप से ऊंचाई की तरफ न भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
भूस्खलन से 11 प्रमुख मोटर मार्ग ठप, स्कूल बंद
लगातार हो रही बारिश के चलते सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भूस्खलन का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे जिले की 11 महत्वपूर्ण सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। सबसे अधिक असर सीमावर्ती संपर्क मार्गों पर पड़ा है।
घाटी में अवरुद्ध मुख्य मार्गों में प्रमुख रूप से ये शामिल हैं:
- घाट-पिथौरागढ़ मोटर मार्ग
- तवाघाट-गुंजी मार्ग और धारचूला-तवाघाट सड़क
- सोबला-उमचिया एवं एलागाड़-जुम्मा मोटर मार्ग
- ड्योरा-बारमू और देविचौना-जमतडी मार्ग
- बड़ाबे-तोली-शिलिंगिया, घापाबैण्ड-बुई-पातों, देविसौना-गराली-कूटा और कंज्योति-नारायण आश्रम मार्ग।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि बंद सड़कों से मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग और बीआरओ (BRO) की जेसीबी मशीनों को तैनात किया गया है। भारी बारिश और संभावित खतरों के मद्देनजर शनिवार को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया गया।
बदरीनाथ और हेमकुंड में भी बर्फबारी, ठंड ने पकड़ी रफ्तार
गढ़वाल मंडल के चमोली जिले में भी शनिवार तड़के मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई है। हेमकुंड साहिब में इस सीजन की यह दूसरी बर्फबारी बताई जा रही है।
हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा सुचारु रूप से चल रही है और श्रद्धालु सुरक्षित हैं। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में उच्च हिमालयी चोटियों पर हल्की बर्फबारी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।









