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Uttarakhand Cabinet Decisions 2026 : सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक, 24 अहम प्रस्तावों पर मुहर

उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार, उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना और संपत्ति खरीद में पैन वेरीफिकेशन समेत 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।

देहरादून (04 अक्टूबर) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को चंपावत जिले के बनबसा एनएचपीसी गेस्ट हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई बड़े और दूरगामी प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई। इस मैराथन बैठक में बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, कृषि, और भू-कानून से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी प्रदान की गई। सरकार के इन निर्णयों का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को गति देना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाना है।

पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार और अवस्थापना विकास को गति

राज्य में कनेक्टिविटी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसले लिए हैं। मंत्रिमंडल ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण हेतु हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखण्ड सीड्स एण्ड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.29 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति दी है।

यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के मुताबिक नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च की जाएगी। इसके अलावा, नियोजन विभाग के अंतर्गत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होगी।

उच्च शिक्षा, कौशल विकास और कृषि योजनाओं में बदलाव

युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026’ को स्वीकृति दी गई है। राज्य के राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों व संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 1.19 लाख विद्यार्थियों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा, जिसके तहत आगामी पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।

वहीं, कृषि और पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के भुगतान की व्यवस्था को बदला गया है। अब यह सब्सिडी सीबीडीसी या ई-रूपी के स्थान पर सीधे लाभार्थियों के आधार-सीडेड बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। साथ ही, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय के लिए महानिदेशक का एक नया पद सृजित किया गया है।

भूमि अधिकार, प्रशासनिक फेरबदल और सख्त भू-नियम

कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट के लिहाज से कई कड़े कदम उठाए गए हैं। संपत्ति के क्रय-विक्रय के दौरान अब खरीदार और विक्रेता के लिए पैन (PAN) कार्ड का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे फर्जी दस्तावेजों और टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी। मंत्रिमंडल ने जनपद नैनीताल के लालकुआं और देहरादून के जौनसार-बावर परगना में वर्ग-3 व वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार प्रदान करने का रास्ता साफ कर दिया है।

इसके अलावा, वनाग्नि, बाढ़ और आपदा जैसी आपातकालीन स्थितियों से तुरंत निपटने के लिए कुमाऊं और गढ़वाल के मुख्य वन संरक्षकों को विभागाध्यक्ष घोषित किया गया है, जिससे फील्ड स्तर पर निर्णय लेने की गति तेज होगी।

निजी विश्वविद्यालयों के मानकों में संशोधन और नए विधेयक

राज्य में उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना को व्यावहारिक बनाने के लिए निजी विश्वविद्यालयों के मानकों में संशोधन किया गया है। अब पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की अनिवार्यता तय की गई है। इसके साथ ही, ब्रिटिशकालीन उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को पूरी तरह निरसित कर दिया गया है और इसकी जगह राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नया ‘उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026’ विधानसभा के पटल पर लाने का निर्णय लिया गया है।

राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए ‘उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी मंजूरी दी गई है जिसके तहत 2031 तक राजकोषीय घाटे की सीमा को GSDP के 3 प्रतिशत तक सीमित रखने का प्रावधान है।

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