सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड’ में सोशल मीडिया क्रिएटर्स संग संवाद कर लोकल उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
देहरादून (10 अक्टूबर) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026’ कार्यक्रम में राज्य के शीर्ष सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स और कलाकारों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी डिजिटल पहुंच और रचनात्मकता के जरिए देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनछुए पर्यटन स्थलों और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाएं।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पहाड़ की आर्थिकी को रफ्तार देने और रिवर्स माइग्रेशन को मजबूत करने का सबसे बड़ा जरिया बन सकता है।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स बनेंगे देवभूमि के ब्रांड एंबेसडर
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस खास संवाद में गायक पवनदीप राजन, प्रसिद्ध यूट्यूबर सौरव जोशी, अवंतिका भट्ट, तनु रावत, आरजे काव्या, प्रियंका कंडवाल और आशा नेगी समेत फिल्म एवं डिजिटल जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। युवाओं से आत्मीय अंदाज में रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कंटेंट क्रिएटर्स उत्तराखंड के अनऑफिशियल ब्रांड एंबेसडर हैं।
उन्होंने क्रिएटर्स को नसीहत देते हुए कहा कि केवल कुछ व्यूज या लाइक पाने की होड़ में भ्रामक या विवादित जानकारी परोसने से बचें। डिजिटल दुनिया में लंबे समय तक टिके रहने का एकमात्र पैमाना कंटेंट की विश्वसनीयता और सच्चाई है। जब क्रिएटर्स समाज और राज्य के हित में तथ्यपरक सामग्री बनाएंगे, तभी दर्शकों का स्थायी विश्वास हासिल होगा।
लोकल उत्पादों और अनछुए पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने पर्यटन के दायरे को बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का पर्यटन केवल नैनीताल, मसूरी, ऋषिकेश या हरिद्वार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। माणा, मलारी, चकराता, हनोल, मिलम और पिंडारी ग्लेशियर जैसे सैकड़ों अनछुए इलाके आज भी बड़े प्रचार के इंतजार में हैं। क्रिएटर्स की एक रील या ट्रैवल व्लॉग इन इलाकों में पर्यटकों की आमद बढ़ाकर स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के द्वार खोल सकती है।
मुख्यमंत्री ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट्स’ योजना का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी पहाड़ी महिलाओं, स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों के हुनर को दुनिया के सामने लाएं। इससे पारंपरिक उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा और गांवों में रोजगार बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि होमस्टे और साहसिक पर्यटन के बूते आज राज्य में करीब 44 फीसदी रिवर्स माइग्रेशन दर्ज हुआ है, जिसे और गति देने की जरूरत है।
यूसीसी और सख्त नकल कानून पर सीएम का संदेश
कार्यक्रम में जब क्रिएटर्स ने नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और मदरसा बोर्ड जैसे कड़े फैसलों पर सवाल किए, तो मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार का हर फैसला अगले 50 वर्षों की भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में गरीब युवाओं के हक पर डाका न पड़े, इसलिए देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिससे आज हजारों योग्य युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरियां मिल रही हैं।
वहीं, यूसीसी के लिए करीब तीन लाख नागरिकों के सुझाव लेकर महिलाओं और बेटियों के अधिकारों को सुरक्षित किया गया है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने त्रियुगीनारायण समेत अन्य पर्वतीय स्थलों को विश्वस्तरीय वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने, राज्य में फिल्म सिटी की संभावनाओं को तराशने और आगामी हरिद्वार कुंभ को स्वच्छता व सुरक्षा के साथ ऐतिहासिक बनाने के लिए युवाओं से सहयोग मांगा।









