---Advertisement---

Weather Update : उत्तराखंड के पहाड़ों में बर्फबारी शुरू, 3500 मीटर से ऊपर बिजली गिरने का अलर्ट

उत्तराखंड के 3500 मीटर ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी हुई है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। जानिए पूरा वेदर अपडेट।

देहरादून (11 अक्टूबर) : देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के मौसम को लेकर दोहरा पूर्वानुमान जारी किया है। राज्य के 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले उच्च हिमालयी शिखरों पर हल्की बर्फबारी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अंदेशा है, जबकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में आसमान पूरी तरह साफ और मौसम शुष्क बना रहेगा। पहाड़ों में अचानक मौसम बदलने और पारे में गिरावट के चलते प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में स्थानीय लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने को कहा है।

3500 मीटर ऊंचाई पर बर्फबारी और आकाशीय बिजली

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के उच्च हिमालयी जनपदों में दोपहर बाद या शाम के वक्त गरजदार बादल विकसित हो सकते हैं। विशेष रूप से 3500 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ ताज़ा हिमपात की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। हालांकि मौसम विभाग ने कोई औपचारिक भारी अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन बदलते मिजाज को देखते हुए पहाड़ी बस्तियों और ट्रैकिंग रूटों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

हरिद्वार और उधम सिंह नगर में सूखा मौसम

एक तरफ जहां चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी की दस्तक है, वहीं राज्य के मैदानी इलाके पूरी तरह शुष्क रहेंगे। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार और उधम सिंह नगर में बारिश के कोई आसार नहीं हैं और धूप खिली रहेगी। पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम दर्ज हुआ, जबकि पहाड़ों में तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है।

तापमान में भारी गिरावट से बढ़ेगी पहाड़ी ठिठुरन

हाल के दिनों में उच्च हिमालयी चोटियों पर हुई बर्फबारी का असर अब सीधे तौर पर घाटी और तलहटी के इलाकों में दिखने लगा है। पर्वतीय हिस्सों में शाम ढलते ही ठंडी हवाएं चलने से कंपकंपी बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अगर ऊंचे इलाकों में बारिश और बर्फबारी का यह क्रम जारी रहा, तो अक्टूबर के मध्य में ही पहाड़ों पर कड़ाके की ठंड समय से पहले शिकंजा कस सकती है। इससे पहाड़ी जनपदों में सुबह-शाम गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है और स्थानीय प्रशासन ने भी बदलते हालात पर नजर बनाए रखी है।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment