---Advertisement---

उत्तराखंड के युवाओं की बल्ले-बल्ले, अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में लिखित और फिजिकल में मिलेगी छूट

उत्तराखंड कैबिनेट ने अग्निवीरों को समूह ग वर्दीधारी भर्तियों में लिखित, शारीरिक और लंबाई में छूट दी। हरिद्वार बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

हरिद्वार (12 अक्टूबर) : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हरिद्वार में संपन्न हुई पहली कैबिनेट बैठक में सेना से चार साल की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने राज्य के समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों को पूर्व में दिए गए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के दायरे को और बढ़ाते हुए अब लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और अनिवार्य ऊंचाई (कद) में भी विशेष छूट देने का निर्णय किया है। तीर्थनगरी में आयोजित इस बैठक में कुंभ 2027 की तैयारियों, स्वास्थ्य ढांचे और बाढ़ नियंत्रण सहित कुल 13 प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल ने अपनी सहमति दी।

अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में लिखित और शारीरिक छूट

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड के युवाओं की सेना में बड़ी भागीदारी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब पुलिस, पीएसी, वन आरक्षी और जेल वार्डर जैसे समूह ‘ग’ के वर्दीधारी संवर्गों में आवेदन करने वाले अग्निवीरों को भर्ती चयन प्रक्रिया में रियायत मिलेगी। इसके तहत लिखित परीक्षा के न्यूनतम कट-ऑफ, शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़ व फिजिकल मानक) और न्यूनतम निर्धारित ऊंचाई के नियमों में सीधी छूट दी जाएगी। सरकार का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं को सामान्य अभ्यर्थियों के समान कड़े शारीरिक परीक्षणों से गुजारना जरूरी नहीं है, इसलिए कार्मिक विभाग शीघ्र ही इसकी औपचारिक नियमावली जारी करेगा।

दस फीसदी कोटे के बाद भर्ती नियमों में बदलाव

उत्तराखंड सरकार ने पहले ही राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू कर दिया था। हालांकि, रक्षा सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं और पूर्व सैनिकों की मांग थी कि लिखित परीक्षा और शारीरिक मापदंडों में भी उम्र व सेवा अनुभव के आधार पर रियायत दी जाए। इस नए संशोधन से राज्य के हजारों सैन्य परिवारों और प्रतियोगी छात्रों को सीधा सहारा मिलेगा। साथ ही राज्य के पुलिस और आपदा प्रबंधन बलों को सीधे तौर पर अनुशासित और हथियार व फील्ड संचालन में दक्ष जवान मिल सकेंगे।

हरिद्वार में बाढ़ नियमावली मंजूर, विकास को मिली रफ्तार

अग्निवीरों के अलावा धामी कैबिनेट ने गंगा तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए ‘बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली’ को भी मंजूरी दी है, जिससे नदी के संवेदनशील तटों पर अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार देते हुए हरिद्वार में नए ईएसआई अस्पताल के निर्माण के लिए 10 एकड़ भूमि के हस्तांतरण पर मुहर लगाई गई। वहीं, ऋषिकुल मैदान में ‘मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान’ को योग, ध्यान व ज्योतिष के अध्ययन केंद्र के रूप में सोसायटी मोड पर स्थापित किया जाएगा। बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन के उपलक्ष्य में गंगा आरती कर जनकल्याण की प्रार्थना की।

Join WhatsApp

Join Now
---Advertisement---

Leave a Comment