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Dehradun Samadhan Diwas : माता-पिता को घर से निकाला तो छिन जाएगी जायदाद, दून प्रशासन ने तेज की कार्रवाई

देहरादून में गिफ्ट डीड के जरिए बुजुर्गों की संपत्ति हड़पने और प्रताड़ना के मामलों पर डीएम सख्त। भरण-पोषण कानून के तहत वाद दर्ज कर संपत्ति वापसी के आदेश।

देहरादून (12 अक्टूबर) : माता-पिता की संपत्ति धोखे से अपने नाम कराकर उन्हें बेघर और प्रताड़ित करने वाले बेटों के खिलाफ देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त कानूनी शिकंजा कस दिया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित ‘समाधान दिवस’ में जब 89 वर्षीय एक बुजुर्ग ने बेटे द्वारा गिफ्ट डीड के जरिए पूरी जायदाद और 15 लाख रुपये हड़पने के बाद मारपीट का दर्द सुनाया, तो जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने एसडीएम सदर को ‘वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम’ में वाद दर्ज कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में कुल 92 शिकायतें पहुंचीं, जिनमें बुजुर्गों की पारिवारिक प्रताड़ना और भूमि धोखाधड़ी के मामलों ने प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया।

गिफ्ट डीड से संपत्ति हड़पने पर कानूनी शिकंजा

समाधान दिवस में सबसे झकझोरने वाला मामला 89 वर्षीय राजन सूद का सामने आया। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके बेटे ने पहले देखभाल का झांसा देकर गिफ्ट डीड के जरिए पूरी पुश्तैनी संपत्ति अपने नाम करा ली। इसके बाद कारोबार शुरू करने के नाम पर बैंक खाते से 15 लाख रुपये भी निकाल लिए। रकम और मकान हाथ में आते ही बेटे ने न केवल सेवा करने से इनकार कर दिया, बल्कि बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें घर से निकालने की कोशिश में जुटा है।

डीएम ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम सदर को तत्काल कानूनी वाद दर्ज कर बुजुर्ग को सुरक्षा व अधिकार दिलाने का आदेश दिया। इसी तरह सेलाकुई निवासी 68 वर्षीय शंभू प्रसाद ने अपनी बेटी और दामाद पर मकान कब्जाने व मारपीट का आरोप लगाया, जिस पर सीओ विकासनगर को जांच सौंपी गई। 85 वर्षीय टेक बहादुर राणा और जांझरा के हुकम सिंह ने भी बहुओं व बेटों की प्रताड़ना से त्रस्त होकर बेदखली की गुहार लगाई, जिस पर पटेलनगर व प्रेमनगर पुलिस को मौके पर जाकर त्वरित एक्शन लेने को कहा गया है।

बुजुर्गों को सताने पर रद्द होगी संपत्ति रजिस्ट्री

माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण कानून के तहत यदि कोई संतान सेवा का वचन देकर माता-पिता से संपत्ति अपने नाम करवाती है और बाद में उनकी अनदेखी या प्रताड़ना करती है, तो ऐसी रजिस्ट्री या गिफ्ट डीड को शून्य घोषित करने का अधिकार एसडीएम न्यायालय (मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल) के पास है। देहरादून प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बुजुर्गों को घर से निकालने वाली संतानों को न सिर्फ संपत्ति से बेदखल किया जाएगा, बल्कि भरण-पोषण भत्ता न देने पर कानूनी कार्रवाई भी होगी।

जनसुनवाई के दौरान कोषागार से पारिवारिक पेंशन रोके जाने से परेशान प्रेमा देवी की व्यथा सुनकर डीएम ने मुख्य कोषाधिकारी को उसी दिन पेंशन खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए और साफ चेताया कि पेंशनरों के मामलों में कोई भी हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।

जमीन फर्जीवाड़े और जनसुविधाओं पर भी कड़े प्रशासनिक निर्देश

जनसुनवाई में भूमि धोखाधड़ी के मामलों में भी डीएम का कड़ा रुख देखने को मिला। बालावाला निवासी मीना देवी को 10 साल पहले गलत खसरा नंबर दिखाकर 451.67 वर्गमीटर जमीन बेचने वाले प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ लैंड फ्रॉड की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया। डालनवाला में अवैध दीवार और राष्ट्रीय राजमार्ग-72 के मुआवजे से जुड़ी फाइलों को भी समयसीमा में निपटाने के निर्देश जारी हुए।

इसके अलावा आम जनता को राहत देते हुए डीएम ने ऊर्जा और जल संस्थान को सख्त आदेश दिया कि बिजली-पानी के दो-तीन महीने के बिल एक साथ न भेजे जाएं, बल्कि हर महीने नियमित बिल जारी हों ताकि उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ न पड़े। अजबपुर कलां में नशे के कारोबार पर आबकारी विभाग को सीधे कार्रवाई और आपदा मरम्मत कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।

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