देहरादून में बिना सत्यापन किराएदार रखने पर 43 मकान मालिकों पर 4.30 लाख का जुर्माना लगा। पटेलनगर और क्लेमेंटाउन में 500 से ज्यादा लोगों की जांच हुई।
देहरादून (13 अक्टूबर) : राजधानी देहरादून में बिना पुलिस सत्यापन किराएदार या घरेलू नौकर रखना अब मकान मालिकों की जेब पर भारी पड़ने लगा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर मंगलवार को दून पुलिस ने शहर के कई संवेदनशील इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले 43 मकान मालिकों का पुलिस एक्ट में चालान कर कुल 4 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
पुलिस टीमों ने पटेलनगर और क्लेमेंटाउन क्षेत्र में 500 से अधिक किरायेदारों के दस्तावेजों की जांच करने के साथ ही जमानत पर बाहर चल रहे 12 अपराधियों के ठिकानों पर जाकर उनका भौतिक सत्यापन भी किया।
बिना सत्यापन किराएदार रखने पर 43 मकान मालिक नपे
पटेलनगर और क्लेमेंटाउन थाना क्षेत्रों में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने सुबह ही मोर्चा संभाल लिया। पटेलनगर के लोहियानगर, चमनपुरी, ब्रह्मपुरी और मेहूवाला के अलावा क्लेमेंटाउन के पोस्ट ऑफिस रोड और ओगलभट्टा में पुलिस बल ने घर-घर जाकर पड़ताल की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान का मकसद शहर में रह रहे बाहरी व्यक्तियों का रिकॉर्ड दुरुस्त करना था।
चेकिंग के दौरान 43 ऐसे मकान मालिक चिन्हित किए गए जिन्होंने अपने किरायेदारों या घरेलू सहायकों का ब्योरा संबंधित थाने में दर्ज नहीं कराया था। पुलिस ने मौके पर ही इन सभी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की और प्रति मकान मालिक 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
पुलिस एक्ट की धारा 83 में काटा चालान
उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 83 के तहत किसी भी भवन स्वामी के लिए अपने परिसर में रहने वाले किराएदार या काम करने वाले घरेलू नौकर का सत्यापन कराना अनिवार्य है। एसएसपी कार्यालय के अनुसार, शहर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने और बाहरी राज्यों से आकर छिपने वाले संदिग्धों पर नजर रखने के लिए यह कड़ा रुख अपनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि बार-बार अपील और सार्वजनिक सूचना जारी किए जाने के बाद भी कई मकान मालिक चंद रुपयों के मुनाफे के चक्कर में बिना पहचान पत्र लिए कमरे किराए पर दे रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर धारा 83 में 10 हजार रुपये तक के कोर्ट चालान और जुर्माने की सीधी व्यवस्था है।
जमानत पर बाहर 12 अपराधियों को सख्त चेतावनी
इस सत्यापन अभियान का दूसरा बड़ा पहलू क्षेत्र के दागी चेहरों की नकेल कसना रहा। पुलिस टीमों ने पूर्व में गंभीर आपराधिक मामलों में जेल जा चुके और वर्तमान में जमानत पर रिहा 12 अभियुक्तों के घरों पर जाकर उनकी वास्तविक स्थिति जांची। पुलिस ने उनके मौजूदा काम, दिनचर्या और संपर्कों की पड़ताल की।
चेकिंग के दौरान इन सभी को सख्त हिदायत दी गई कि यदि वे दोबारा किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए या शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, तो उनकी जमानत निरस्त कराकर उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। दून पुलिस ने साफ किया है कि किरायेदारों और असामाजिक तत्वों पर यह धरपकड़ अभियान आने वाले दिनों में अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह जारी रहेगा।









